सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए तीन तलाक को व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि बलपूर्वक और एक पक्षीय तरीके से सामाजिक परिवर्तन नहीं लाया जा सकता है। महिला सशक्तीकरण के नाम पर जो अध्यादेश सरकार ला रही है वह धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के लिए खतरा हैं। विश्वविद्यालयों से लेकर सड़क तक भाजपा उत्पीडऩ की कार्यवाही कर रही है। सम्मान और सद्भाव की राजनीति ही देश को प्रगतिशील बना सकती है। भाजपा की सोच विकास की नहीं है।
अखिलेश बुधवार को पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत फैलाना भाजपा का मुख्य काम है। अंधविश्वास की आड़ में भाजपा अधर्म करती है। छल बल से भाजपा ने देश के कारपोरेट जगत पर एकाधिकार कर रखा है। प्रचार माध्यमों पर सत्ताधारी दल का कब्जा है। भाजपा का यह कृत्य अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस का विकास व सामाजिक सौहार्द से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा जातिवाद फैलाती हैं जबकि समाजवादी जातिवाद के विरूद्ध है। देश स्वतंत्रता आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी। समाजवादियों ने सन् 1942 के आंदोलन को गति दी थी। आजादी के बाद आरएसएस पर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने प्रतिबंध लगा दिया था।
भाजपा राज में अहिंसक आंदोलनों, प्रदर्शनों पर बर्बर लाठीचार्ज किया जाता है। निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। किसानों-नौजवानों और छात्र-छात्राओं पर गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमें लगाए जा रहे हैं। भाजपा कई तरह की चालें चलती है। इसलिए भाजपा से सावधान रहना है। भाजपा विकास विरोधी है। समाजवादी राष्ट्र प्रेमी है। भाजपा लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हो गई है। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।