बमबारी करके बेगुनाह लोगों के मार रहा
मौलाना ने कहा कि ईरान, हिजबुल्लाह और अन्य संगठनों ने युद्ध के नियमों का पालन किया है। इस्राइल में आवासीय क्षेत्रों पर हमला नहीं किया है। लेकिन, इस्राइल लगातार आवासीय क्षेत्रों पर बमबारी करके बेगुनाह लोगों को कत्ल कर रहा है। गाजा में बच्चे भूख से मर रहे हैं। इस्रायली सेना राफा क्रॉसिंग तक मदद नहीं पहुंचने दे रही है।
बम विस्फोटों से नहीं बल्कि भुखमरी से भी मरे लोग
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत कारी बदरुद्दुजा ने कुरान की तिलावत से की। नूर फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना डॉ. मुस्तफा मदनी ने कहा कि यह जंग फिलिस्तीन, इजराइल और लेबनान के बीच नहीं है, बल्कि हक और बातिल की जंग है। मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. संदीप पांडेय ने कहा कि फिलिस्तीन में मारे गए 42,000 लोगों में 18000 से अधिक बच्चे हैं, जो कि 40 फीसद से अधिक हैं। ये बच्चे केवल बम विस्फोटों से नहीं बल्कि भुखमरी से भी मरे हैं।
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इस्राइल और अमेरिकी नरसंहार पर उतारू
इस्राइल आज अलग-थलग पड़ गया है। उसे दो से तीन लाख गाजावासियों के नरसंहार के लिए युद्ध अपराधी के रूप में देखा जा रहा है। पत्रकार अमरीश मिश्र ने कहा फलस्तीन, लेबनान, यमन, ईराक, सीरिया और ईरान में मानवता और सभ्यता को बचाने की जंग अपने चरम पर है। इस्राइल और अमेरिकी साम्राज्यवादी नरसंहार पर उतारू हैं। वहीं मानवता के रक्षक बड़ी से बड़ी कुर्बानी दे रहे हैं। भारत मे भी ऐसी जंग 1857 मे ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ हुई थी।
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