केजीएमयू में जांच और इलाज दोनों 25 फीसदी तक महंगा हो सकता है। केजीएमयू प्रशासन पीजीआई और लोहिया संस्थान के बराबर जांच दरें करने जा रहा है। शुल्क बढ़ाने के लिए कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी पीजीआई और लोहिया संस्थान में इलाज की दरों की समीक्षा करेगी।
गौरतलब है कि केजीएमयू के वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट ने इसी वर्ष अप्रैल में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद जांच और इलाज शुल्क घटाया गया था। अब विवि प्रशासन ने इसमें बढ़ोतरी का फैसला किया है। शुल्क की नई दरें तय करने को बनाई गई कमेटी में वित्त अधिकारी, सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार और चिकित्सा अधीक्षक विजय कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कमेटी लोहिया संस्थान और पीजीआई की पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी का शुल्क की सूची का अवलोकन कर रही है। कमेटी भर्ती शुल्क की भी तुलना करेगी। इसके बाद बैठक में केजीएमयू में नई दरों पर फैसला होगा। वहीं मरीजों का कहना है कि केजीएमयू शुल्क भले ही बढ़ा दे लेकिन पीजीआई और लोहिया संस्थान जैसी सुविधाएं मुहैया नहीं कर पा रहा है।