किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर-टू का उद्घाटन सीएम नहीं करेंगे। हालांकि, 25 दिसंबर को 65 बेड की क्षमता के साथ मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा।
केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत के अनुसार 200 बेड की क्षमता होने पर ट्रॉमा सेंटर का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। बृहस्पतिवार को 65 बेड ट्रॉमा सेंटर पहुंचा दिए गए हैं।
कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि 65 बेड, पांच स्ट्रेचर, पांच व्हील चेयर, ड्रिप स्टैंड सहित फर्नीचर वृंदावन स्थित ट्रॉमा सेंटर टू पहुंचा दिए गए हैं। अन्य जरूरी उपकरण व फर्नीचर की आपूर्ति भी की जा रही है।
35 बेड की क्षमता का जनरल वार्ड ट्रॉमा सेंटर में होगा। 30 बेड गहन चिकित्सा के होंगे। अभी तक 20 दिसंबर को आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से पहुंच रहे सीएम अखिलेश यादव से ट्रॉमा सेंटर का औपचारिक उद्घाटन कराने की केजीएमयू प्रशासन की योजना थी, लेकिन मुख्यमंत्री की इच्छा है कि ट्रॉमा सेंटर-2 की औपचारिक शुरुआत 200 बेडों से होनी चाहिए।
ट्रॉमा सेंटर टू में होंगी ये सभी सुविधाएं
ट्रॉमा सेंटर टू के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि शुरुआत में पांच बेड वेंटीलेटर, 10 बेड इमरजेंसी व 35 बेड का वार्ड होगा।
सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, आर्थोपैडिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, वैस्कुलर सर्जरी, क्रिटिकल केयर, चेस्ट फिजीशियन, सामान्य फिजीशियन, पीड्रियाटिक्स व स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती रोटेशन के आधार पर की जायेगी। फैकल्टी की तैनाती भी मानकों के अनुसार की जाएगी।
ट्रॉमा सेंटर-टू पांच तल का है। ग्राउंड फ्लोर मरीज को रिसीव करने के लिए कैजुअलिटी वार्ड हैं। इसके साथ ही मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी वहां बनाए गए हैं। जिससे मरीज को जरूरत पड़ने पर तुरंत ओटी में ले जाया जा सके।
दूसरे पर सामान्य वार्ड, तीसरे तल पर प्राइवेट वार्ड और आईसीयू, पांचवें तल पर पैथोलॉजी की लैब के लिए स्थान आवंटित किया गया है। इसके अलावा रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट की व्यवस्था वहां की गई है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा हर फ्लोर पर वाटर कूलर और एक्वा गार्ड भी लगे हैं। राजकीय निर्माण निगम ने ट्रॉमा सेंटर-टू को पूरी तरह से पेशेंट फ्रेंडली बनाया है।