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सिर्फ 16 ऑक्सीजन सिलेंडरों के भरोसे चल रहा ट्रॉमा सेंटर, मरीजों को नहीं मिल रहे स्टॉक के सिलेंडर

Sat, 24 Aug 2019 03:39 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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ट्रॉमा सेंटर - फोटो : amar ujala
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का ट्रॉमा सेंटर में कुल 16 ऑक्सीजन सिलेंडर के भरोस चल रहा है। जबकि तीमारदारों का आरोप है कि यहां केवल पांच या छह सिलेंडर से ही काम चलाया जा रहा है। ऐसे में मरीज को एंबुलेंस से कैजुअल्टी में ले जाने, शिफ्ट करने या जांच कराने ले जाने के लिए सिलिंडर का इंतजार करना पड़ता है। 
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ऐसे में गंभीर हालत में आई बुजुर्ग महिला ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में करीब एक घंटे तक एंबुलेंस में पड़ी रही। तीमारदार सिलेंडर के लिए ट्रॉमा के अंदर बाहर चक्कर लगाते रहे। हंगामा करने पर तीमारदारों को सिलेंडर मिला, जिसके बाद मरीज को अंदर ले जाया जा सका।

सआदतगंज निवासी मरीज हाजरा बानो (60) को तीमारदार एंबुलेंस से दोपहर करीब एक बजे ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। बेटा मो. यासीन ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए कैजुअल्टी से लेकर पीआरओ ऑफिस तक चक्कर लगाता रहा, मगर सिलेंडर नहीं मिला। 
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करीब एक घंटे बाद मरीज को सिलेंडर मिला। इसके बाद तीमारदार मरीज को करीब दो बजे एंबुलेंस से उतारकर कैजुअल्टी ले गए। तीमारदारों का कहना है कि वह सिलेंडर के लिए कैजुअल्टी में स्टाफ से कई दफा कहा मगर सिलेंडर खाली न होने की बात कहकर इंतजार कराया गया। 

इस मामले में प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि कैजुअल्टी में जितने सिलेंडर की डिमांड आती है, उतने मुहैया कराए जाते हैं। यह जिम्मेदारी कैजुअल्टी प्रभारी की है कि वह कितने सिलेंडर का मरीजों के लिए प्रयोग करवा रहे हैं। मामले को दिखवाया जाएगा ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। 
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16 सिलेंडर के भरोसे ट्रॉमा कैजुअल्टी

मरीज - फोटो : amar ujala
ट्रॉमा में करीब 60-70 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर आते हैं। कैजुअल्टी में ऑक्सीजन पाइपलाइन की सुविधा है। मरीजों की जांच कराने से लेकर उनकी शिफ्टिंग में ऑक्सीजन सिलेंडर लगता है। ऐसे में मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर दूसरे मरीज से खाली होने बाद ही मुहैया कराया जाता है। मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में कैजुअल्टी में पड़े रहते हैं। सिलेंडर मिलने बाद ही उन्हें जांच के लिए भेजा जाता है।
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