विधान परिषद में स्नातक एवं शिक्षक क्षेत्र की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची जल्द जारी कर सकती है। प्रदेश में जीत का सिलसिला बरकरार रखने के लिए भाजपा ने सभी सीटों पर सहायता प्राप्त और वित्तविहीन शिक्षक संघों को तोड़ने की रणनीति बनाई है।
दरअसल, विधानसभा में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत वाली भाजपा सरकार विधान परिषद में अल्पमत में है। भाजपा ने परिषद में भी अपनी सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्र की सभी 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। इन सीटों से संबंधित जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों को शिक्षक एवं स्नातक के ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री और परिषद चुनाव के प्रभारी अशोक कटारिया ने चुनावी बैठकें कर स्थानीय समीकरण के हिसाब से रणनीति बनाई है। भाजपा ने शिक्षक क्षेत्र के चुनाव जीतने के लिए सहायता प्राप्त और वित्तविहीन शिक्षक संघों सेंध लगाने की रणनीति बनाई है। सत्तारुढ़ दल के बैनर तले चुनाव लड़ने के लिए एक-एक सीट पर कई दावेदार हैं। शिक्षक संघों के संभावित उम्मीदवार भी भाजपा से टिकट के जुगाड़ में है।