दो दिनों में निकला 50 ट्रक मलबा।
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ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार को तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद एलडीए सुरक्षा को लेकर आसपास की इमारतें सील कर रहा है। रविवार को जहां ढही बिल्डिंग के पास वाली इमारत सील की गई थी, वहीं सोमवार को ठीक पीछे बनी बिल्डिंग भी सील कर दी गई है। स्ट्रक्चरल जांच पूरी होने के बाद ही इन दोनों इमारतों की सील खुलेगी। वहीं, हादसे की जांच के लिए मंगलवार को गुजरात की फोरेंसिक टीम आएगी। यह टीम ढही बिल्डिंग के साथ ही सील की गई इमारतों के स्ट्रक्चर की भी जांच करेगी।
जिन दो बिल्डिंगों को सील किया गया है, उनके स्ट्रक्चर को भी पास की बिल्डिंग के ढहने से नुकसान पहुंचा है। ऐसे में इनके गिरने का खतरा है। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से एलडीए ने इन्हें सील कर दिया है। इससे पहले सोमवार को एलडीए की टीम ने आसपास की इमारतों का सर्वे भी किया, जिसके बाद ढही बिल्डिंग के ठीक पीछे प्लांट नंबर सी 41 पर बनी जनता टाइल्स नामक बिल्डिंग को सील कर दिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधी नगर, गुजरात की टीम आ रही है। उससे ढही इमारत के साथ इन दो भवनों का भी स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया जाएगा। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही भवनों की सील खोली जाएगी।
रात तक चलती रही खुदाई।
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वीसी ने बताया कि शासन की ओर से सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में प्राधिकरण के स्तर से सहयोग प्रदान करने के लिए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के सुपरविजन में प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह, संपत्ति अनुभाग से उप सचिव माधवेश कुमार, मानचित्र अनुभाग से सहायक अभियंता आरके अवस्थी व अभियंत्रण जोन-2 से अवर अभियंता ऋतुपाल को नामित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री से मिले दवा कारोबारी
ट्रांसपोर्टनगर में इमारत गिरने की घटना के संदर्भ में लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश साह, महामंत्री प्रदीप चंद्र जैन, रचित रस्तोगी, अमित तिवारी सहित हादसे से प्रभावित दवा व्यापारी निखिल अग्रवाल भी शामिल थे। प्रदीप जैन के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जांच के नाम पर किसी कारोबारी का उत्पीड़न नहीं होगा।