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ट्रांसपोर्ट नगर हादसा: अब तक 50 ट्रक निकल चुका है मलबा, खुदाई अब भी जारी, नीचे किसी के दबे होने की आशंका कम

Tue, 10 Sep 2024 12:10 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Transport Nagar accident: शनिवार की शाम को शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में तीन मंजिला इमारत ढह गई थी। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसके मलबे की खुदाई अब तक जारी है। 
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अभी भी चल रही है खुदाई। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार को ढही इमारत के मलबे में अब किसी के दबे होने की संभावना बेहद कम है। रेस्क्यू करने वाली टीमें लगाकर जुटी हैं। मलबा हटाया जा रहा है। अभी भी मलबा हटाने में एहतियात बरता जा रहा है। उधर, आरोपी बिल्डिंग मालिक पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की है, जबकि एफआईआर गंभीर धाराओं में दर्ज है।

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बीते शनिवार को शहीद पथ के किनारे स्थित तीन मंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे में कारोबारी जसमीत साहनी समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। 28 लोग घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने खुद वादी बनकर बिल्डिंग मालिक राकेश सिंघल पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। जो धाराएं लगी हैं, उसमें सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान है। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी न होना सवाल खड़े करता है। हालांकि, एसीपी कृष्णानगर विनय कुमार द्विवेदी का कहना है कि विवेचना की जा रही है। आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुख्ता साक्ष्य होने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।

दूसरे दिन निकला 50 ट्रक मलबा
 ट्रांसपोर्टनगर में ढही बिल्डिंग का मलबा हटाने का काम सोमवार को भी जारी रहा। रविवार को दिन से रात तक 23 ट्रक मलबा हटाया गया था, वहीं सोमवार को सुबह से देर रात क करीब 50 ट्रक मलबा हटाया गया। मंगलवार को भी मलबा हटाने का काम होगा। 
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ट्रांसपोर्टनगर में एक और इमारत सील

दो दिनों में निकला 50 ट्रक मलबा। - फोटो : अमर उजाला।
 ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार को तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद एलडीए सुरक्षा को लेकर आसपास की इमारतें सील कर रहा है। रविवार को जहां ढही बिल्डिंग के पास वाली इमारत सील की गई थी, वहीं सोमवार को ठीक पीछे बनी बिल्डिंग भी सील कर दी गई है। स्ट्रक्चरल जांच पूरी होने के बाद ही इन दोनों इमारतों की सील खुलेगी। वहीं, हादसे की जांच के लिए मंगलवार को गुजरात की फोरेंसिक टीम आएगी। यह टीम ढही बिल्डिंग के साथ ही सील की गई इमारतों के स्ट्रक्चर की भी जांच करेगी।

जिन दो बिल्डिंगों को सील किया गया है, उनके स्ट्रक्चर को भी पास की बिल्डिंग के ढहने से नुकसान पहुंचा है। ऐसे में इनके गिरने का खतरा है। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से एलडीए ने इन्हें सील कर दिया है। इससे पहले सोमवार को एलडीए की टीम ने आसपास की इमारतों का सर्वे भी किया, जिसके बाद ढही बिल्डिंग के ठीक पीछे प्लांट नंबर सी 41 पर बनी जनता टाइल्स नामक बिल्डिंग को सील कर दिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधी नगर, गुजरात की टीम आ रही है। उससे ढही इमारत के साथ इन दो भवनों का भी स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया जाएगा। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही भवनों की सील खोली जाएगी।
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अधिकारी करेंगे जांच टीम का सहयोग

रात तक चलती रही खुदाई। - फोटो : अमर उजाला।
वीसी ने बताया कि शासन की ओर से सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में प्राधिकरण के स्तर से सहयोग प्रदान करने के लिए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के सुपरविजन में प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह, संपत्ति अनुभाग से उप सचिव माधवेश कुमार, मानचित्र अनुभाग से सहायक अभियंता आरके अवस्थी व अभियंत्रण जोन-2 से अवर अभियंता ऋतुपाल को नामित किया गया है।

उपमुख्यमंत्री से मिले दवा कारोबारी
ट्रांसपोर्टनगर में इमारत गिरने की घटना के संदर्भ में लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश साह, महामंत्री प्रदीप चंद्र जैन, रचित रस्तोगी, अमित तिवारी सहित हादसे से प्रभावित दवा व्यापारी निखिल अग्रवाल भी शामिल थे। प्रदीप जैन के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जांच के नाम पर किसी कारोबारी का उत्पीड़न नहीं होगा। 
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