परिवहन निगम ने बस संचालन सुधारने एवं यात्रियों को तय समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार से नई व्यवस्था शुरू की है।
नई व्यवस्था में संचालित होने वाले बस अड्डे पर बस के 30 मिनट से अधिक लेट होने पर यात्री इस बस का आरक्षित टिकट निरस्त करा सकता है। परिवहन निगम टिकट के निरस्त होने पर यात्री को किराए के बराबर जुर्माना भी भरेगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक से लेकर फोरमैन तक की जेब से जुर्माने की रकम को वसूला जाएगा। निगम की ढाई सौ बसो में यह नई व्यवस्था शुरू हो गई है।
इस सिलसिले में निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) एचएस गाबा ने चार दिसंबर को प्रदेश के क्षेत्रीय प्रबंधकों को सरकुलर भेजकर तत्काल प्रभाव से आवंटित बसों को तय समय-सारिणी के आधार पर संचालित करने का आदेश दिया है।
इंटेलीजेंस ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से होगी ट्रैकिंग
इस सरकुलर के साथ में समय-सारिणी भेजी गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक को आवंटित बसों को पवन की तर्ज पर संचालित करना पड़ेगा।
इन बसों की निगरानी इंटेलीजेंस ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से होगी। तीन महीने बाद इस सेवा में अन्य बसों और वॉल्वो को भी शामिल किया जाएगा।
प्रबंध निदेशक के निर्देश पर प्रधान प्रबंधक विनीत सेठ ने बताया कि स्पेशल सेवा की 250 बसों के तय समय-सारिणी के 15 मिनट पहले और बाद में आवागमन होना लेट नहीं माना जाएगा।
लेकिन 15 से 30 मिनट पर बस के देर से आवागमन को लेट माना जाएगा। वहीं जो बस 30 मिनट से अधिक समय के बाद भी अड्डे से गंतव्य को संचालित नहीं होगी तो उसका संचालन निरस्त मान लिया जाएगा।
पांच अफसरों से जुर्माने की भरपाई
ऐसी निरस्त बस में जिसने भी सीट का आरक्षित टिकट ले रखा होगा वह टिकट को निरस्त कराएगा तो यात्री किराये बराबर जुर्माना पाएगा। लेकिन यात्री आरक्षित टिकट से दूसरी बस में सफर करेगा तो जुर्माने का हकदार नहीं होगा।
डिपो के अड्डे पर बस लेट न हो इसके लिए पांच सदस्यीय दल को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, सीनियर स्टेशन इंचार्ज एवं वर्कशॉप का फोरमैन शामिल हैं। यात्रियों को जितनी भी जुर्माने की रकम दी जाएगी, उसकी भरपाई इन सदस्यों से होगी।
यात्रियों की सुविधा और बसों का संचालन तय समय-सारिणी के आधार पर करने के लिए 250 बसों का पवन की तर्ज पर आवागमन होगा। ये बसें तय समय से 15 मिनट आगे-पीछे चलेंगी।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक, मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया, 30 मिनट से अधिक लेट बस का कोई यात्री आरक्षित टिकट निरस्त कराएगा तो उसको किराए के बराबर की रकम का जुर्माना चुकाया जाएगा