फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: खतरा बने हैं ट्रांसफार्मर, सर्वे पर अटके जिम्मेदार

विज्ञापन
ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो डिपो के पास खुला पड़ा ट्रांसफार्मर और उसके आसपास जमा पानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
लखनऊ। हुसैनगंज स्थित शंकरपुरी कॉलोनी में 27 जुलाई को बालक फहद की करंट से मौत हुई थी। अब तक 22 दिन बीत चुके हैं। इतने दिनों के बाद भी बिजली निगम के जिम्मेदारों को ये पता नहीं कि शहर में कितने ट्रांसफार्मर खुले हैं, जिनको घेरने की जरूरत है। जिम्मेदारों का कहना है कि इसके लिए सर्वे चल रहा है।

अफसरों का दावा है कि शहर में 130 खतरनाक ट्रांसफार्मरों की पेटी की जर्जर जाली को सही करते हुए उनकी घेराबंदी की गई है। इनमें अमौसी जोन के 30 एवं गोमतीनगर जोन के 20 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। हालांकि, ये वो ट्रांसफार्मर हैं जिनकी जाली का कुछ ही हिस्सा क्षतिग्रस्त था। सर्वे के बाद अन्य खुले और टूटी जाली वाले ट्रांसफार्मरों का प्रस्ताव बिजनेस प्लान के जरिये बिजली निगम प्रबंधन को भेजा जाएगा।
विज्ञापन


लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि हुसैनगंज, राजभवन, रेजीडेंसी, ऐशबाग, चौक, ठाकुरगंज, राजाजीपुरम, अपट्रान खंड इलाकों में 45 से ज्यादा ऐसे ट्रांसफार्मरों की जाली के जरिये घेरेबंदी की जा चुकी जो आमजन के लिए खतरा थे।

उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर-पेटी की सुरक्षा के लिए जो जाली पहले लगाई गई थी, उनमें बहुत सारी टूट गई हैं। कुछ को नशा करने वाले उखाड़ ले गए हैं। सर्वे में जितने भी खुले या टूटी जाली वाले ट्रांसफार्मर सूचीबद्ध होंगे उनकी पूरी तरह से घेराबंदी कराने के बाद रंग रोगन कराया जाएगा।
विज्ञापन




मुख्य मार्ग पर रखे ट्रांसफार्मरों की जाली दुरुस्त की

जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि डालीगंज, बीकेटी, महानगर, विश्वविद्यालय खंड के मुख्य मार्ग पर 35 ट्रांसफार्मरों की जाली क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसको दुरुस्त कर दिया गया है। अन्य ट्रांसफार्मरों का सर्वे चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए अलग से धन का कोई प्रावधान न होने के कारण समस्या हो रही है। इस संबंध में शीर्ष प्रबंधन को जानकारी देकर कार्य को जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें