इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विधायकों की सिफारिश पर सहायक कमिश्नर स्टांप गोरखपुर का लखनऊ किया गया तबादला रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि सियासी दखल से किए गए तबादले कानून की नजर में नहीं टिक सकते।
नेताओं की पसंद-नापसंद पर सरकारी सेवक का तबादला नहीं होना चाहिए। इस तबादले के लिए गाजीपुर के जंगीपुर सीट से विधायक किस्मतिया देवी और जखनिया से विधायक सुब्बा राम ने सिफारिश की थी।
जस्टिस सत्येंद्र सिंह चौहान और जस्टिस उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने यह आदेश सहायक कमिश्नर स्टांप राम शंकर सिंह की याचिका पर दिया। याचिका में राम शंकर सिंह ने कहा था कि इस साल 10 अगस्त को उन्हें गोरखपुर से लखनऊ इसलिए ट्रांसफर कर दिया गया क्योंकि दोनों विधायकों ने उनकी जगह गोरखपुर लाए गए अफसर के पक्ष में पत्र लिखा था।
अदालत ने कहा कि ट्रांसफर आदेश और विधायकों के खतों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह आदेश राजनीतिक प्रभाव के चलते किया गया।