विशेष सचिव ने अपने पत्र में इस बात पर नाराजगी भी जताई है कि जब पदस्थापन के लिए सूची निदेशालय द्वारा शासन को भेजी गई थी तो कुछ कार्मिकों को जॉइन कराकर फिर तबादला किस आधार पर किया गया? उन्होंने इसके लिए दोषी अधिकारियों के बारे में भी जानकारी मांग ली है। इसके बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि शासन इस मामले में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी कर सकता है।