रिपोर्ट के मुताबिक सीआरएस ने यहां के रूट पर ट्रेनों के संचालन के लिए 90 किमी प्रति घंटा की स्पीड दी है। इससे जल्द ही इस रूट पर ट्रेनें दौड़ने की उम्मीद जग गई है। यहां के ट्रैक पर ट्रेनें कब दौड़ेंगी, इसकी कोई तारीख तय नहीं है। पर रिपोर्ट में एक माह के अंदर ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
ट्रेनों का संचालन होने से 25 हजार यात्रियों को लखनऊ और सीतापुर के बीच कम किराए में आवागमन की सुविधा हासिल होगी।
दौड़ेंगी चार जोड़ी यात्री ट्रेनें
ऐशबाग-सीतापुर रूट पर शुरुआती दौर में चार जोड़ी यात्री ट्रेनें दौड़ाई जाएंगी। चार ट्रेनें यात्रियों को लखनऊ से सीतापुर लेकर जाएंगी और इतनी ही ट्रेनें वहां से वापस लखनऊ मुसाफिरों को लेकर आएंगी। लेकिन धीरे-धीरे रूट पर ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा।
हालांकि, पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि ऐशबाग-सीतापुर रूट पर ट्रेनों के संचालन को अभी तक सीआरएस की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।