रायबरेली। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग पर रविवार को सात घंटे तक ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा। शहर में सर्वोदय नगर के निकट रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने के लिए पटरियां उखाड़ दी गईं। इस दौरान गुजरने वाली चार महत्वपूर्ण ट्रेनों को सुल्तानपुर के रास्ते दौड़ाया गया, जिससे ये ट्रेनें नहीं आईं। एक ट्रेन को रायबरेली से आगे जाने के बजाए दूसरे रास्ते दौड़ाया गया। इससे यात्री परेशान हुए। स्टेशन पहुंचे यात्रियों को लौटना पड़ा। बस के सहारे लखनऊ पहुंचे, जहां से ट्रेनें पकड़ीं।
रायबरेली-रूपामऊ स्टेशनों के बीच शहर में सर्वोदय नगर के निकट रेलवे क्रॉसिंग है, जिस पर पहले से ओवरब्रिज बना हुआ है। क्रॉसिंग पूरी तरह बंद हो जाने के कारण उत्पन्न हुई समस्या को देखते हुए अंडरपास बनाने का फैसला लिया गया। इसके लिए करीब 10 महीने से काम चल रहा है। रविवार को पटरियों के नीचे का रास्ता तैयार किया गया, जिसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया।
पटरियों के नीचे बॉक्स रखने के लिए अप और डाउन दोनों लाइनों के ट्रैक को उखाड़ दिया गया। वैसे तो सुबह 9 से शाम 4.30 बजे तक साढ़े सात घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाना था, लेकिन सुबह 10.15 बजे से शाम 5.15 बजे तक महज सात घंटे में ही काम पूरा कर लिया गया। ट्रैफिक ब्लॉक की वजह से चार ट्रेनें नहीं आईं।
इनमें देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल शामिल हैं। ट्रेनों को सुल्तानपुर के रास्ते दौड़ाया गया। इससे रायबरेली, बछरावां, हरचंदपुर स्टेशनों पर यात्रियों को परेशानी हुई। ट्रेनों के न आने से स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा रहा।
जो यात्री स्टेशन पहुंचे, उन्हें लौटना पड़ा। पूछताछ काउंटर से एनाउंस किया जाता रहा, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अमृतसर और देहरादून की ओर जाने वाले काफी यात्री स्टेशन पहुंचे। ट्रेन नहीं आएगी, इसका पता चला तो बस से लखनऊ गए और वहां से ट्रेनें पकड़ीं।
खाली हो गई प्रयागराज पैसेंजर
लखनऊ से रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का भी मार्ग परिवर्तन किया गया। यह ट्रेन रायबरेली आई, लेकिन अमेठी की ओर जाने के बजाए सीधे ऊंचाहार और फाफामऊ होते हुए प्रयागराज चली गई। यह ट्रेन करीब चार घंटे देर से लखनऊ से चलाई गई, जिसकी वजह से करीब पांच घंटे विलंब से रायबरेली पहुंची।
रायबरेली स्टेशन पर आधे घंटे खड़े रहने के बाद आगे रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों को रूट डायवर्जन के बारे में बताया गया। इससे रायबरेली में ट्रेन खाली हो गई, क्योंकि ट्रेन में अमेठी, गौरीगंज, प्रतापगढ़ तक के यात्री भी सवार थे, जो यहीं उतर गए। इन यात्रियों को बस या दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा। जिन्हें प्रयागराज जाना था, सिर्फ वही गिने-चुने यात्री ट्रेन में सवार रहे।
काम पूरा होने के बाद नीलांचल, काशी दौड़ी
सर्वोदय नगर के निकट क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने के लिए उखाड़े गए ट्रैक को फिर से बिछा दिया गया। इसके बाद डाउन लाइन पर पहली गाड़ी नीलांचल एक्सप्रेस तो अप लाइन पर पहली ट्रेन काशी विश्वनाथ और आनंद विहार स्पेशल को दौड़ाया गया। क्रॉसिंग के पास कॉशन लगा होने से ट्रेनों की गति 10 किमी. प्रति घंटा रही। सुबह 9 बजे काम शुरू होना था, लेकिन दो ट्रेनें देर से आने के कारण काम देर से शुरू हुआ।
पद्मावत एक्सप्रेस 9.45 बजे और इंटरसिटी ट्रेन 10.15 बजे निकलने के बाद ट्रैफिक ब्लॉक लग गया और काम शुरू हुआ, जो शाम 5.15 बजे खत्म हो गया। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सात घंटे तक काम चला। ट्रैफिक ब्लॉक से सिर्फ पांच ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। सर्वोदय नगर क्रॉसिंग के पास 10 किमी. प्रति घंटे का कॉशन लगा हुआ है। इसलिए धीमी रफ्तार से ट्रेनें चलाई जा रही हैं।