रायबरेली। जिला अस्पताल में तैनात नाक-काल गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार का शांतिभंग में चालान किए जाने को लेकर रविवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ शाखा (पीएमएस) ने कड़ी नाराजगी जताई। संघ के पदाधिकारियों ने ऐलान किया कि इस मसले को लेकर सोमवार को डीएम व एसपी को ज्ञापन दिया जाएगा। चिकित्सक का शांतिभंग में चालान करने वाले पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की जाएगी। ऐसा न होने पर कामकाज ठप किया जाएगा।
दरअसल, डॉ. शिवकुमार और संतोष पांडेय के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। डॉ. शिवकुमार की तरफ से दर्ज कराई गई अवैध वसूली में एफआईआर में संतोष पांडेय को जेल भी जाना पड़ा था। संतोष पांंडेय की तरफ से डॉ. शिवकुमार पर भ्रष्टाचार करने और फर्जी तरीके से जमीन लिखाने का आरोप लगाया जा रहा है। जेल से छूटने के बाद संतोष पांडेय और चिकित्सक के बाद खींचतान और बढ़ गई है। दोनों पक्षाें से एक-दूसरे पर आए दिन कोई न कोई आरोप लगाए जा रहे हैं।
संतोष ने प्रशासन से शिकायत की थी कि चिकित्सक के संबंध अपराधियों से हैं। उनकी जानमाल को खतरा है। सदर कोतवाली पुलिस ने जांच आख्या सिटी मजिस्ट्रेट को भेजी थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट धीरेंंद्र श्रीवास्तव ने चिकित्सक को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नोटिस जारी किया है। आगामी 14 नवंबर को हाजिर होकर कारण स्पष्ट करने को कहा है कि उन्हें एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमानत व बंधपत्र निष्पादित करने के लिए क्यों न बाध्य किया जाए।
उधर, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ शाखा रायबरेली के अध्यक्ष डॉ. मनोज शुक्ला, मंत्री डॉ. शरद कुशवाहा ने चिकित्सक का शांतिभंग में चालान करने पर नाराजगी जताई है। इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की है। बताया कि पुलिस की ओर से फर्जी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। इस प्रकरण को लेकर सोमवार को सुबह 10 बजे डीएम व एसपी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अपराधी के साथ चिकित्सक की फोटो हुई थी वायरल : कोतवाल
सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि धनंजय उर्फ धुनाड़ी जिले का टॉपटेन अपराधी है। वह सदर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। कुछ दिन पहले टॉपटेन अपराधी और डॉ. शिवकुमार की सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई थी। फोटो में दोनों आपस मेंं बातचीत कर रहे थे। संतोष पांडेय ने जानमाल की रक्षा की गुहार लगाते हुए शिकायत की थी। इसी आधार पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई।