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जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के लिए गाजियाबाद में खुलेगा संस्थान, कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर

Wed, 10 Oct 2018 09:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी - फोटो : डेमो
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गाजियाबाद में जनप्रतिनिधियों को विभिन्न कानूनों, नियमों और परंपराओं की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। 50 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में बनने वाले इस संस्थान पर करीब 168.68 करोड़ रुपये लागत आएगी। प्रस्तावित संस्थान में राजनीति में आने के इच्छुक युवाओं के लिए डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाएंगे। राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालयों से इन कोर्सेज की मान्यता ली जाएगी।

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नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि गाजियाबाद में प्रशिक्षण संस्थान खोलने के प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। यह संस्थान नगर विकास विभाग के अधीन रहेगा। कहा कि देश में यह अपनी तरह का पहला संस्थान होगा।

प्रदेश में जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक संस्थानों व संगठनों की विभिन्न विधियों, परिपाटियों, नियमों और कानूनों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता है। दिल्ली के पास होने के कारण गाजियाबाद में अच्छे प्रवक्ताओं के साथ-साथ विजिटिंग प्रोफेसर भी मिल सकेंगे।
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दिल्ली आने वाले विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, राजदूत और प्रधानमंत्री भी यहां क्लास लेने आसानी से आ सकते हैं। इसके संचालन से जनप्रतिनिधियों को रूटीन में आने वाली कठिनाइयां दूर करने में भी मदद मिलेगी।

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राजनीति में आने के इच्छुक नौजवान ले सकेंगे दाखिला

खन्ना ने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र में ऐसे नौजवानों और इच्छुक व्यक्तियों के लिए डिप्लोमा व डिग्री पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे, जो राजनीति में भाग्य आजमाना चाहते हैं। मौजूदा समय में इस तरह के पाठ्यक्रमों का विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और संस्थाओं में अभाव है।

नगर निगम गाजियाबाद ने दी 51,213 वर्ग मीटर जमीन
सुरेश खन्ना ने बताया कि इस प्रशिक्षण केंद्र के फेज-1 की स्थापना के लिए नगर निगम, गाजियाबाद ने राजनगर विस्तार मार्ग सिहानी में 51,213 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराई है। व्यय वित्त समिति ने जीएसटी समेत फेज-1 की लागत 168 करोड़ 67 लाख 74 हजार रुपये अनुमोदित की है। इसका निर्माण अगले दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। प्रशिक्षण लेने वालों के लिए फीस, कोर्स, प्रवेश की शर्तें और विषय आदि का निर्धारण कमेटी करेगी।

भवन की ये होंगी विशेषताएं
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए चालू वित्त वर्ष में नगर विकास विभाग के बजट में 50 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। परियोजना की विशेषताओं में स्ट्रक्चरल ग्लेजिंग, वुडेन फ्लोरिंग, वाल पैनेलिंग, कारपेट फ्लोरिंग, विनायल फ्लोरिंग, फाल्स सीलिंग, सैंड स्टोन क्लेडिंग, पोलीकार्बोनेट शीट, साइनेज और ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबेटेट असेस्मेंट आदि शामिल हैं।
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