पौधों को देखते शोधार्थी व वैज्ञानिक।
लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान में बुधवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। आईओआरए (इंडियन ओसियन रिम एसोसिएशन) सम्मेलन के दूसरे दिन की चर्चा का केंद्रबिंदु औषधीय एवं सगंध पौधों से निकलने वाले विशिष्ट रसायनों (फाइटोकेमिस्ट्री ) पर हाल में किया गया शोध व अध्ययन शामिल रहा।
अगले सत्र की अध्यक्षता कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सी.एस. माथेला ने किया। सीएसआईआर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वजननी सत्तेगिरी ने सीमैप के शोध व अनुसंधान की तारीफ की। उन्होंने औषधीय पौधों के पारंपरिक ज्ञान को संजोने पर जोर दिया। इस सत्र में पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, वैश्विक व्यापार और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोपहर बाद के सत्र में सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने प्रौद्योगिकी और शोध विकास में नवीनीकरण पर चर्चा की। सम्मेलन में यूनाइटेड किंगडम के यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क से आए प्रोफेसर इयान ए. ग्राहम ने औषधीय और सुगंधित पौधों के व्यापार, स्थिरता और वैश्विक परिवर्तन पर बात रखी।
सम्मेलन में मिहिर अजित शाह, डॉ. रमन मोहन सिंह के साथ ही सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम डॉ. रमेश श्रीवास्तव, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. मनोज सेमवाल समेत बड़ी संख्या में सीमैप व कई देशो के शोधार्थी और प्रतिनिधि शामिल रहे।