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Lucknow News: व्यापारियों पर कार्रवाई पर व्यापार मंडल का विरोध, नोटिसों के खिलाफ भरी हुंकार

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प्रेसवार्ता करते लखनऊ व्यापार मंडल के पदा​धिकारी।
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लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर चस्पा किए जा रहे एलडीए, आवास विकास और अग्निशमन विभाग के नोटिसों के खिलाफ लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मंगलवार को हुंकार भरी। अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने एलान किया कि प्रशासन के दबाव के कारण अगर कोई बिल्डिंग मालिक या व्यापारी आत्महत्या करता है तो आवास विकास और एलडीए उसका जिम्मेदार होगा।
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लाटूश रोड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए अमरनाथ मिश्र ने कहा कि बच्चों की मौत के लिए पूरा समाज जिम्मेदार है, लेकिन एलडीए और आवास विकास सिर्फ व्यापारी वर्ग को निशाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। यदि प्रशासन केवल नोटिस जारी कर व्यापारियों पर कार्रवाई करता रहा और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय नहीं की गई तो इससे भ्रष्टाचार व अवैध वसूली को बढ़ावा मिलेगा। यही रवैया जारी रहा तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
प्रधान वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि कहीं भी कोई हादसा होता है, प्रशासन व्यापारियों पर गाज गिरा देता है। यह एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान नीरज जौहर, जितेंद्र सिंह चौहान, अनुराग मिश्र, उमेश शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, सुहैल हैदर अलवी आदि भी मौजूद रहे।
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व्यापारियों ने उठाए ये बिंदु
- अमीनाबाद, अकबरी गेट, गड़बड़झाला, गणेशगंज, ये 200 साल पुराने शहर के व्यस्ततम बाजार हैं। ऐसे में इसे मौजूदा नियमों के हिसाब से मॉडिफाई किया जाए।
- राजाजीपुरम, इंदिरानगर, गोमतीनगर, कानपुर रोड, रायबरेली रोड पर आबादी की तुलना में सीमित व्यावसायिक सुविधा केंद्र खोले गए, जिससे रोजगार साधन के लिए स्थानीय लोगों ने खुद ही अपनी व्यवस्था की।
- सरकारी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों में भी सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं हो रहा है तो केवल व्यापारियों को ही दोषी ठहराना कितना उचित है।
- अंग्रेजों के समय से पुराने लखनऊ के विभिन्न बाजारों में फायर हाइड्रेंट स्थापित थे, जो लगभग 1990 के दशक तक सक्रिय रहे। बाद में सड़क निर्माण के दौरान अधिकांश फायर हाइड्रेंट जमीन के नीचे दब गए। लगभग 10 वर्षों से पुनर्जीवन की मांग के बावजूद इनकी जानकारी नहीं दी गई।
- अगर किसी भवन या इमारत में कमियां थीं तो बिजली, जल, जीएसटी व फूड लाइसेंस की अनुमति कैसे मिलती रही।

प्रेसवार्ता करते लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारी।

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