भारतीय प्रशासनिक सेवा के 40 वर्ष से ऊपर के अधिकारियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है। अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार राजकीय अथवा निजी चिकित्सालय में स्वास्थ्य परीक्षण करा सकते हैं। इसके लिए चिकित्सालयों की सूची व स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रोफॉर्मा भी तय किया गया है। पुरुष अधिकारी के वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण पर 2000 रुपये और महिला अधिकारियों पर 2200 रुपये का मानक तय है। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को भी केंद्र सरकार की दरों पर अनिवार्य स्वास्थ्य जांच सुविधा देने का प्रस्ताव किया गया है।
वाणिज्य कर विभाग में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 से वाणिज्य कर अधिकारी तक के कुल 3015 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 2422 ही कार्यरत हैं। इनमें से करीब 1453 अधिकारियों के 40 वर्ष से ऊपर के होने का अनुमान है। इनमें करीब 20 प्रतिशत महिला कर्मी बताई गई हैं। इन अधिकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर चालू वित्त वर्ष में 29.64 लाख रुपये का खर्च संभावित है।
वाणिज्य कर आयुक्त कामिनी चौहान रतन ने बताया कि सरकारी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए कार्मिकों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। अस्वस्थता की वजह से उनकी कार्यकुशलता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। वाणिज्य कर अधिकारी से एडिशनल कमिश्नर तक विभाग की विभिन्न शाखाओं में कार्य करते हैं। सचल दल इकाइयाें व विशेष अनुसंधान शाखाओं के स्तर से कर निर्धारण, टैक्स ऑडिट के साथ-साथ प्रवर्तन कार्य होता है। बड़े शहरों में सरकारी बकाये की वसूली विभागीय अफसर करते हैं। ये काम किसी एक स्थान पर करने के बजाय व्यापारियों के व्यापार स्थल, सड़क मार्ग व विभिन्न स्थानों पर करने पड़ते हैं। कार्मिकों के स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।