पुलिस के वाहनों पर जल्द ही कंट्रोल रूम की नजर होगी। सूबे में पुलिस के सभी वाहनों को ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लैस करने की कवायद शुरू हो गई है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कानपुर नगर पुलिस के वाहनों को इस प्रणाली से लैस कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने अब बाकी के जिलों से भी ऐसे वाहनों का ब्यौरा तलब किया है जिनमें यह सिस्टम लगाया जाना है।
पुलिस के वाहनों को जीपीएस प्रणाली से लैस करने की योजना काफी पहले ही बन गई थी। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत जीपीएस सिस्टम को वाहनों पर इंस्टॉल किया जाना है।
पुलिस मुख्यालय के एडीजी सूर्य कुमार शुक्ला ने बताया कि कानपुर को मॉडल के तौर पर तैयार किया गया है।
अब अन्य सभी जिलों से जानकारी तलब की गई है। जल्द ही सभी जिलों को इस तकनीकी से जोड़ दिया जाएगा।
अगर किसी जिले में वाहनों को जीपीएस प्रणाली से कर उन्हें जिले के पुलिस नियंत्रण कक्ष से ऑनलाइन करने में किसी तरह की दिक्कत आती है तो कानपुर पुलिस के नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
आखिर जीपीएस सिस्टम की जरूरत क्यों
जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल किए जाने के बाद वाहन कहां पर है उसकी लोकेशन खुद-ब-खुद संबंधित जिले के कंट्रोल रूम को पता चलती रहेगी।
किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मी को यह पता होगा कि कौन सा पुलिस वाहन किस जगह पर है। जो पुलिस वाहन घटनास्थल के करीब होगा उसे नियंत्रण कक्ष जल्द मौके पर भेज सकता है।