प्रदेश में बढ़ रहे हैं टमाटर के दाम।
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महीना भर पहले 10-20 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला टमाटर एक बार फिर से लाल होने लगा है। हफ्ता भर में ही दाम 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। टमाटर की उपज न बचने और स्टॉक कम होने की वजह से कारोबारी दाम में इजाफे की बात कह रहे हैं। उधर, बारिश होने तक अन्य सब्जियों के दाम स्थिर रहने की बात कही जा रही है।
अच्छी उपज होने के बावजूद टमाटर की खेती करने वाले किसानों को उनका मूल्य नहीं मिल पाया। महीना भर पहले मंडी में 10 रुपये तो बाजार में 20 रुपये प्रति किलो तक टमाटर बिका, यह अब 30-40 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। चौक, निशातगंज, सीतापुर रोड की फुटकर सब्जी मंडी में 30 तो मोहल्लों की दुकानों पर टमाटर 40 रुपये प्रति किलो है।
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आढ़ती बताते हैं कि भाव न मिलने की वजह से किसानों ने भी दोबारा खेतों में पानी लगाने में रुचि नहीं दिखाई। तेज धूप के कारण खेतों में पड़े टमाटर सड़ गए। सब्जी मंडी के अध्यक्ष रिंकू सोनकर बताते हैं कि लखनऊ में टमाटर पड़ोसी जिले बाराबंकी व आजमगढ़ से आ रहा है। बताया कि शिमला मिर्च पर भी 20 रुपये प्रति किलो दाम बढ़े हैं। 60 वाली शिमला मिर्च 80 रुपये प्रति किलो हो गई है।
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अगली फसल के लिए 90 दिन का होगा इंतजार
कृषि विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि टमाटर की फसल 90 दिन में तैयार होती है। भाव न मिलने के कारण किसान इस बार खूब निराश हुआ है, जिससे उसने खेतों से टमाटर का उठान ही नहीं किया। अब अगली फसल 90 दिन के बाद आएगी। बारिश आने में 15 दिन की कसर है, इस मियाद तक अन्य सब्जियों के दाम स्थिर रहेंगे। बारिश के बाद महंगाई बढ़ेगी।
| सब्जी |
दाम प्रति किलो |
| लौकी |
20-30 |
| भिंडी |
20-30 |
| तोरई |
20-30 |
| कद्दू |
20-30 |
| प्याज |
20-25 |
| आलू |
20-25 |
| टमाटर |
30-40 |
| करेला |
30-40 |
| परवल |
40-60 |
| शिमला |
60-80 |