ओडी ओपी समिट में राज्य सरकार की ओर से 4084 लाख लाभार्थियों को 1006.94 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जाएगा। सरकार ने हर साल एक लाख लोगों को ओडीओपी योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
समिट की तैयारियों की समीक्षा के बाद मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूपी देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जो ओडीओपी के माध्यम से लोगों को उनकेघर में ही रोजगार उपलब्ध कराने केलिए पंरपरागत कुटीर उद्योगों को बढ़वा दे रहा है। इसके जरिए सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में खास पहचान रखने वाले उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच देने की कोशिश है।
समिट के जरिए उद्यमियों को विपणन के लिए बेहतर बाजार, तकनीक एवं गुणवत्ता में सुधार लाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। प्रदेश में इस समय 8900 करोड़ रुपये के उत्पाद का ही निर्यात होता है, जिसे बढ़ाकर 2 लाख करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस समिट में एग्रो एंड फूड्स, क्रेडिट एंड फइनेंस, क्राफ्ट एंड टूरिज़्म और हैंडलूम एंड टेक्सटाइल क्षेत्र की चुनौतियों एवं अवसरों पर ओडीओपी उत्पादकों के साथ चर्चा होगी। इसके लिए 8 सत्रों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें उद्यमियों को उत्पादन बेचने के लिए मार्केटिंग के तरीके, गुणवत्ता सुधारने की तकनीक के प्रयोग, प्रशिक्षण आदि संबंधित बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी।
75 जिलों के उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी
ओडीओपी समिट के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों के चयनित उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का भी लगाई जा रही है। इसमें संबंधित जिले के उस विशिष्ट उत्पाद को प्रदर्शित किया जाएगा जिससे जिले की पहचान है। प्रदर्शनी 12 अगस्त तक चलेगी।