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सपा की सियासत में आज का दिन टर्निंग पॉइंट, अखिलेश कर सकते हैं धमाका

Sun, 09 Oct 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम अखिलेश यादव
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खास समर्थकों को आज नया ठिकाना मिल जाएगा। सीएम रविवार को जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के कामकाज का शुभारंभ करेंगे। उनकी यूथ ब्रिगेड और मीडिया टीम के बैठने की व्यवस्था ट्रस्ट के दफ्तर में की गई है।
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उद्घाटन समारोह में सपा से निष्कासित एमएलसी व युवा नेताओं समेत सीएम के नजदीकी लोगों को बुलाया गया है। यह आयोजन सपा में चल रही उठापटक में टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। समाजवादी पार्टी में काफी दिनों से पारिवारिक विवाद मुखर है।

बाहरी तौर पर भले ही शांति दिख रही है, लेकिन अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से माहौल बदला-बदला है। सीएम और शिवपाल के समर्थक शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं।
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अखिलेश के पक्ष में पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आवास पर उग्र प्रदर्शन के बाद उनके समर्थक तीन एमएलसी व कई युवा नेताओं को पार्टी ने निष्कासित कर दिया था। सपा प्रदेश कार्यकारिणी से भी अखिलेश समर्थकों की छुट्टी हो चुकी है।

उद्घाटन में निष्कासित नेता होंगे शरीक

सीएम ने शुक्रवार को नए बंगले में गृह प्रवेश कर लिया। इस माहौल में रविवार को वह रेनोवेशन के बाद तैयार हुई जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे।

सपा मुख्यालय के ठीक पीछे 7, बंदरिया बाग स्थित इसी कोठी से अब अखिलेश समर्थकों, खासतौर से युवा नेताओं व संगठन की गतिविधियां संचालित होंगी। सपा के प्रदेश प्रवक्ता रहे मंत्री राजेंद्र चौधरी के लिए ट्रस्ट में अलग कक्ष बना है। वह इस ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और अखिलेश अध्यक्ष हैं।

जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के उद्घाटन समारोह में सपा से निष्कासित एमएलसी सुनील यादव साजन, संजय लाठर और आनंद भदौरिया के साथ ही युवा संगठनों के अध्यक्षों को बुलाया गया है।

इसमें चार युवा संगठनों युवजन सभा, छात्र सभा, लोहिया वाहिनी और यूथ ब्रिगेड के प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी के कई पुराने नेता व कुछ मंत्री भी शरीक हो सकते हैं।

दो खेमें में बंटा है परिवार, जमकर हो रही बयानबाजी

मुलायम परिवार में शीर्ष स्तर पर पहली बार कार्यकर्ताओं में खेमेबंदी नजर आ रही है। जहां अखिलेश यादव के साथ रामगोपाल हैं, वहीं शिवपाल को मुलायम का नजदीकी माना जाता है। पहली बार परिवार के जूनियर सदस्यों ने विवाद पर टिप्पणियां की हैं।

सांसद अक्षय यादव शिवपाल पर निशाना साध सीएम की तरफदारी कर चुके हैं तो एटा के विधायक आशीष कुमार रामगोपाल पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। इस पर मुलायम चिंता जता चुके हैं। अब परिवार व पार्टी की एका के लिए सभी की नजरें उन्हीं पर टिकी हैं।

बढ़ सकता है घमासान
हालांकि, ट्रस्ट का उद्घाटन कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, लेकिन सपा सुप्रीमो के निशाने पर आए नेताओं के लिए नए ठिकाने का इंतजाम पार्टी में घमासान बढ़ा सकता है। सपा में शीर्ष स्तर पर झगड़े की शुरुआत क्रिया-प्रतिक्रिया के रूप में हो रही है।

12 सितंबर को सीएम ने दो मंत्रियों को बर्खास्त किया और 13 सितंबर को मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाया तो उसी दिन मुलायम ने अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर यह जिम्मेदारी शिवपाल यादव को सौंप दी। इसके जवाब में सीएम ने शिवपाल के सभी प्रमुख विभाग छीन लिए।

अब बर्खास्त मंत्रियों में गायत्री प्रजापति की वापसी हो चुकी है और पीडब्ल्यूडी छोड़कर शिवपाल को सभी विभाग फिर मिल गए हैं। जबकि, शिवपाल ने राज्य कार्यकारिणी से अखिलेश समर्थकों को आउट कर दिया है।
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कार्रवाई की चिंता नहीं, ‘समर्थकों के साथ हूं’ का सीएम देंगे संदेश

उद्घाटन समारोह में सीएम रविवार को एक तरह से पार्टी के शीर्ष नेताओं को संदेश देंगे कि उन्हें चिंता नहीं है कि पार्टी किस पर कार्रवाई करती है और किसे बर्खास्त करती है। वह अपने समर्थकों के साथ खड़े हैं।

पार्टी की नजर में वे भले ही अनुशासनहीन हों, लेकिन अपने लिए ‘कुर्बानी’ देने वालों को वह यूं ही छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए अखिलेश पार्टी नेताओं से उनकी बहाली की सार्वजनिक अपील भी कर चुके हैं।
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