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फैसले लेने के अलावा मोदी पर तंज भी कस गए सीएम

Wed, 05 Feb 2014 12:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश की नई आवास नीति पर मुहर लग गई है।
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इसके बाद मिक्स लैंडयूज की अनुमति के साथ किसानों के साथ पार्टनरशिप पर जमीन लेने की व्यवस्था शुरू हो गई।

इस नीति की खास बात है कि शहरी सीमा क्षेत्र से सटे गांवों में छोटी-छोटी आवासीय योजनाएं लाई जा सकेंगी।

लोगों की जरूरतों के आधार पर अफोर्डेबल मकान बनाए जा सकेंगे। किसानों से विकास प्राधिकरण जो भी जमीनें अधिग्रहीत करेंगे उसमें उनकी हिस्सेदारी होगी।

वहीं, जरूरी छात्र संख्या घटाकर प्रदेश के 246 संस्कृत स्कूलों को संबद्धता देने, मेट्रो के लिए पीएसी की जमीन पर मदर डिपो बनाने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

बैठक के बाद प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि प्रदेश में आबादी के आधार प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सरकारी अस्पतालों में खून, यूरिन और शुगर की जांच की मुफ्त सुविधा दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं पर पैसा का बहाना नहीं करती है। इसलिए इस बैठक में भी हमने जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री अखिलेश ने यह भी कहा कि जल्द ही बिना विभाग वाले मंत्रियों को विभाग भी दिए जाएंगे।

मोदी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बिना नरेंद्र मोदी का नाम लिए हुए कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की ताकत ये उत्तर भारतीय लोग ही हैं।

ये राज्य अपने यहां कल-कारखाने लगाए हुए हैं, अगर इनमें यूपी-बिहार के लोग काम न करें, तो उनका विकास रुक जाएगा। उन्होंने हंसते हुए कहा कि गुजरात से उत्तर प्रदेश की कोई तुलना नहीं।
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इसके अलावा इस बैठक में संस्कृत महाविद्यालयों के लिए भी अहम फैसला लेते हुए उन्हें अनुदान देने के कोटे के शामिल करने पर मुहर लग गई।

बदल गया नाम
अखिलेश यादव ने कहा कि अब जनता दरबार का नाम बदल दिया गया है। अब इसे जनता का दरबार कहा जाए। जनता का दरबार हर दिन होता है।

इसी तरह कानपुर रोड स्थित पीएसी की 85 एकड़ जमीन में 55 एकड़ पर लखनऊ मेट्रो के लिए मदर डिपो का निर्माण करने संबंधी प्रस्ताव को रखा गया।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रदेश के 246 संस्कृत स्कूलों को सरकारी अनुदान देने के लिए 100 छात्र संख्या की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए 50 करने संबंधी प्रस्ताव को भी रखा गया।
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