लखनऊ। भरवारा मल्हौर वार्ड में आने वाली गंगोत्री विहार काॅलोनी में नाला बनाने को लेकर शुरू हुए जमीन विवाद को दूर करने के लिए नगर निगम अब जमीन की दोबारा जांच कराएगा। नाले की जमीन बेचे जाने और चक मार्ग की जमीन पर विधायक का कब्जा होने के विवाद को दूर करने के लिए अब महापौर दोबारा जमीन की पैमाइश कराएंगी।
भरवारा मल्हौर वार्ड की गंगोत्री विहार काॅलोनी की जल निकासी समस्या को दूर करने के लिए 25 करोड़ रुपये से नाला बनाया जाना है। नाला जहां पर बनना है, उसके बीच में सुभासपा विधायक बेदी राम के मैरिज लॉन की दीवार भी है। नगर निगम के नायब तहसीलदार तेजस्वी कुमार का कहना है कि जांच में पता चला है कि मैरिज लान में चक मार्ग की जमीन भी है, जबकि विधायक का कहना है कि यह आरोप झूठा है। उनकी ओर से विधानसभा में मामला उठाया गया था, जिस पर जांच हुई और कोई कब्जा नहीं मिला। साजिश के तहत कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं।
वहीं, स्थानीय गांव वालों का कहना है कि प्राॅपर्टी डीलरों ने नाले की जमीन को बेच डाला है। अब उन्हीं को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम चक मार्ग की जमीन पर नाला बनाने पर अड़ा है। करीब दो साल पहले भी यह मामला उठा था, मगर बाद में यह ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर यह चक मार्ग की जमी पर नाला बनाने दबाव कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए डाला जा रहा है। इसको लेकर अमर उजाला ने रविवार को पड़ताल की थी, जिसके बाद यह सामने आया कि जहां से नाला जाना था, वह जमीन बेच दी गई है। नगर निगम ने भी माना कि जहां पर नाला बनाया जाना प्रस्तावित है, वह चक मार्ग की जमीन है।
Iनाले की जमीन और चक मार्ग की जमीन के विवाद को हल करने के लिए फिर से पैमाइश कराई जाएगी। सरकारी जमीन में जिसका भी कब्जा होगा, उसे हटाया जाएगा।I
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सुषमा खर्कवाल, महापौरI
नाले की जमीन की पैमाइश।
नाले की जमीन की पैमाइश।
नाले की जमीन की पैमाइश।
नाले की जमीन की पैमाइश।