लखनऊ। बेटिंग गेम के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम देने वाले जालसाज ने लोगों को फंसाने के लिए गेम की एल्गोरिथम ऐसी बनाई थी कि पहली बार में निवेश करने वाले को निश्चित तौर पर मुनाफा मिलता था। इसी लालच में लोग बाद में मोटी रकम निवेश कर देते थे और जालसाज उनके रुपये हड़प लिया करते थे।
पुलिस को जांच में पता चला है कि गैंग के तार कानपुर, मुंबई, देहरादून और गुजरात के कई शहरों में फैले हैं। पुलिस को पकड़े गए 16 आरोपियों से कई लोगों के नाम भी पता चले हैं। डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। जरूरत पड़ने पर कानपुर, मुंबई, देहरादून और गुजरात पुलिस से संपर्क करने की बात कही जा रही है।
इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए जालसाजों के बैंक खाते के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द आरोपियों के खाते भी सीज कराए जाएंगे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जालसाजों के इस गैंग पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी और ठगी की रकम से अर्जित की गई संपत्ति को कुर्क कराया जाएगा।
कम पढ़े-लिखे लोगों का खुलवाते थे खाता
एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि ठगी की रकम को म्यूल खातों में मंगवाया जाता था। जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने रुपये की लालच देकर कम पढ़े-लिखे और कमजोर वर्ग के लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए थे। आरोपी खाताधारकों को कुछ रुपये थमा देते थे और पासबुक, चेकबुक व डेबिट कार्ड खुद लेकर उसका प्रयोग ठगी की रकम मंगवाने के लिए करते थे। ऐसे म्यूल खातों की संख्या बहुत है।
ये है पूरा मामला
गुडंबा पुलिस ने लोटस गेमिंग साइट व ऐप के माध्यम से बेटिंग गेम में रुपये लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 16 जालसाजों को स्मृति अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 1,07,50,000 रुपये, 54 मोबाइल, दो नोट गिनने वाली मशीन और अन्य सामान बरामद हुए थे। चार माह से लखनऊ में सक्रिय गैंग ने हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। पकड़े गए जालसाज छत्तीसगढ़ व गुजरात के रहने वाले हैं।