वाणिज्य कर विभाग से टैक्स इन्वॉइस नंबर (टिन) पाना अब और आसान होगा।
टिन के लिए आवेदन की खामियों को ऑनलाइन किया जाएगा और निरस्त होने का कारण भी विभाग स्पष्ट करेगा, जिससे आवेदक खामियों को दूर करते हुए आसानी से टिन प्राप्त कर सके।
इस संबंध में आयुक्त वाणिज्य कर मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी जोनल अपर आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा है कि नई व्यवस्था का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश में छोटा या बड़ा कारोबार करने के लिए वाणिज्य कर विभाग से टिन प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसके लिए वाणिज्य कर विभाग में आवेदन करना होता है।
वाणिज्य कर विभाग ने भले ही लोगों की सुविधा के लिए नियम सरल कर रखे हों, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही व मनमानी के चलते टिन पाना आसान नहीं होता है।
इन दिक्कतों को देखते हुए आयुक्त वाणिज्य कर ने सभी जोनल अपर आयुक्तों से कहा है कि पंजीयन तथा पंजीयन में संशोधन के संबंध में ऑनलाइन प्रक्रिया से संबंधित निर्देश पहले भी दिए जा चुके हैं।
पंजीयन के निरस्तीकरण से संबंधित नोटिस तथा इसे रद्द करने के संबंध में भी अब ऑलाइन जानकारी लोगों को देनी होगी।
इसके अलावा कर निर्धारण की धारा 28 के अंतर्गत आने वाली कार्यवाई को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
धारा 28 व 29 के तहत दी जाने वाली नोटिसों को भी ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे टिन प्राप्त करने के लिए लोगों को परेशान न होना पड़े।