रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं
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भाई-बहनों के अटूट प्रेम के पर्व रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण की जुगलबंदी के चलते बहनों को भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सोमवार को साढ़े तीन घंटों से भी कम समय मिल रहा है।
ज्योतिषियों के मुताबिक भद्रा रविवार रात 10 बजे से लग गई और सोमवार को उदया में पूर्णिमा तिथि रहेगी। ऐसे में सोमवार को सुबह 10:30 बजे तक भद्रा का मान रहेगा। इस दौरान राखी नहीं बांधी जा सकेगी, राखी उसके बाद ही बांधी जाएगी।
चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर 1:52 बजे के बाद से शुरू होगा। इसके बाद भी रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकेगा। इस प्रकार भद्रा खत्म होने के बाद और सूतक शुरू होने से पहले करीब 3 घंटे 22 मिनट के दौरान ही आचार्य जजमान को और बहनें भाइयों को राखी बांध सकेंगी। सूतक के दौरान राखी बांधने से बंधवाने वाले और बांधने वाले दोनों ही को सूतक दोष लगता है, ये शुभकारक नहीं है।
रिमझिम के बीच बाजार हुए गुलजार
रिमझिम बारिश के बीच रक्षाबंधन से एक दिन पहले रविवार को शहर के बाजार देर रात तक रक्षाबंधन की शॉपिंग से गुलजार रहे। किसी ने अपनी बहना को गिफ्ट में देने के लिए मोबाइल, टैबलेट खरीदे तो किसी ने सोने-चांदी के उपहार।
दोपहर बाद से बाजारों की गिफ्ट शॉप के अलावा राखी की दुकानों पर लगा खरीदारी का रेला भी देर रात तक जारी रहा। बच्चों की पहली पसंद कार्टून राखी रही तो बाजार में भाई-बहन के लिए मनपसंद गिफ्ट खरीदते दिखे। देर रात तक मिठाई की दुकानों पर मारामारी रही।