बाघ फिर कटरी में लौट आया है। ट्रांसगंगा सिटी परियोजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 11 दिसंबर को जिस जगह कन्हवापुर आ रहे हैं, वहां बाघ के पंजों के ताजा निशान देखे गए हैं। 11 दिसंबर को नरकुल के जंगल से महज सौ मीटर पहले सरैंया की ओर कन्हवापुर के एक खेत में सीएम का कार्यक्रम तय है।
इसी क्षेत्र में बाघ होने की आशंका से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। सोमवार को वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ की टीम ने कन्हवापुर के नरकुल के जंगल में बाघ के पग चिन्ह देखने के बाद बाघिन के मूत्र का छिड़काव कराया। साथ ही पिंजड़ा भी लगाया गया है जिसमें चारे के रूप में पड़वा बांधा गया है।
लखनऊ से आए वन विभाग के डा. उत्कर्ष शुक्ल ने बताया कि बीते करीब एक सप्ताह से बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल रही थी लेकिन अब उसके पग चिन्ह फिर से कन्हवापुर के नरकुल के जंगल में मिले हैं। इससे तय है कि बाघ यहीं कहीं आस-पास डेरा डाले है।