इटावा के लॉयन सफारी में अब शेरनी ‘जेसिका’ और शेर ‘पटौदी’ बीमार है। जेसिका ने सोमवार से कुछ नहीं खाया है। इसलिए उसे खाली पेट दवा देने में भी दिक्कत आ रही है। सात साल की ‘जेसिका’ और तीन साल के ‘पटौदी’ खून की जांच में बेबेसिया प्रोटोजोन का संक्रमण पाया गया है।
दोनों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। ब्रिटेन के लौंगलीट सफारी से भी मेडिकल सलाह ली गई है। ‘जेसिका’ और ‘पटौदी’ को 29 दिसंबर को शेरनी ‘तपस्या’ के साथ ही गुजरात के जूनागढ़ चिड़ियाघर से लाया गया। बीमार पड़ी तपस्या ने 9 जनवरी को दम तोड़ दिया था।
आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने ‘जेसिका’ और ‘पटौदी’ के ब्लड सैंपल की जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों को भी बैबेसिया नाम के ब्लड प्रोटोजोआ का संक्रमण पाया गया है। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक ‘जेसिका’ के बाड़े के आसपास तरह-तरह का मीट रखा गया है, मगर वह कोई रुचि नहीं दिखा रही।
खाना न खाने के चलते उसे पूरी दवा भी नहीं दे पा रहे हैं। बरेली के भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों के सुझावों के आधार पर दोनों बब्बर शेरों का इलाज चल रहा है।