थायरोकेयर 18 से 26 जनवरी तक थायरॉयड की जांच करेगा। इसके लिए मरीज को सिर्फ 50 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा।
गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित इस सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए प्रबंधक नम्रता भारद्वाज ने बताया कि थायरॉयड जांच के लिए निजी केंद्रों पर 400 रुपये शुक्ल लिया जाता है। सरकारी अस्पतालों में ये शुल्क 200 रुपये है।
लोगों को थायरॉयड हार्मोन के बारे में जागरूक करने और शरीर में उसकी अधिकता का पता लगाने के लिए थायरोकेयर मात्र 50 रुपये के पंजीकरण में ही इस जांच की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
ये सुविधा सिविल अस्पताल के सामने ए.एफ. टॉवर स्थित केंद्र में सुबह 8 बजे से 12 बजे तक मिलेगी।
जांच रिपोर्ट 24 घंटे बाद मरीज को उपलब्ध करा दी जाएगी। डॉ. अशोक भारद्वाज ने बताया कि शरीर के लिए थायरॉयड हार्मोन की कमी और बढ़ना दोनों ही नुकसानदायक है।
हार्मोन बढ़ने से आंखों का बाहर आना, हाथों में कंपन और शरीर का वजन कम हो जाता है।
इसे हाइपर थायरॉयडिज्म कहते हैं। वहीं, वजन बढ़ना, थकान, बालों का गिरना, डिप्रेशन, आवाज भारी होना, याददाश्त कमजोर होना, ठंड अधिक लगना आदि हाइपो थायरॉयडिज्म के लक्षण हैं।
ये थायरॉयड ग्रंथि के कम काम करने के कारण होती है। शरीर में थायरॉयड हार्मोन का पता लगाने के लिए टीएचएच, टी3 व टी4 जांच की जाती है। महंगी होने के कारण लोग बहुत मजबूरी होने पर ही ये जांच कराते हैं।
थायरोकेयर ने सरकारी अस्पतालों से भी कम शुल्क पर लोगों में थायरॉयड की स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई है।