लखनऊ में गोमतीनगर के विराजखंड-2 में लावारिस पड़े 32 फ्लैटों को एलडीए भले ही सात वर्षों में नहीं बेच पाया, लेकिन उसके ही कथित कर्मचारियों ने गोलमाल कर वन विभाग के दो कर्मचारियों से फ्लैट देने के नाम पर पैसा ले लिया। ठगी के शिकार दोनों लोगों को रजिस्ट्री तक कराने का आश्वासन दे दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि कई लोगों से इस तरह ठगी की गई है।
वन विभाग में मृतक आश्रित कोटे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई उमा प्रधान और संविदा कर्मचारी मार्कंडेय तिवारी से फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी हुई है। उमा प्रधान से झांसा देकर जहां 2.75 लाख रुपये नकद ले लिए गए, वहीं उनके फ्लैट को फाइनेंस कराने के नाम पर निजी लोन देने वाली कंपनी से 50 हजार रुपये का मोबाइल भी ठगों ने खरीद लिया।
वहीं, दूसरे संविदा कर्मचारी से भी 60 हजार रुपये नकद ठगों ने ले लिए। ठगी करने वालों में आदित्य कुमार (मोबाइल नंबर 7518730088), राहुल कुमार (7905366344) और विजय कुमार (9161519555) के नाम सामने आए हैं। आदित्य कुमार जहां खुद को एलडीए का इंजीनियर बताता है, वहीं राहुल और विजय खुद को संविदा पर तैनात बताते हैं। यही दोनों लोगों से पैसा लेकर आदित्य तक पहुंचाते थे।