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नई शिक्षा नीति: अब BA पास विद्यार्थी भी कर सकता है MSc, ढाई साल में मिल जाएगी तीन साल वाली डिग्री, पढ़ें अपडेट

Tue, 17 Jun 2025 12:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र से छात्र अब तीन साल की स्नातक डिग्री सिर्फ ढाई साल में ही पूरी कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत क्रेडिट आधारित प्रणाली लागू होगी। इसमें मेधावी छात्र तेजी से डिग्री पूरी कर सकते हैं। 
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लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय में नए सत्र से तीन साल वाली डिग्री, ढाई साल में ही हासिल की जा सकेगी। इसके लिए स्नातक के आर्डिनेंस में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए विद्यार्थी को जरूरी क्रेडिट पूरे करने होंगे। जरूरी क्रेडिट पूरे होते ही परीक्षा कराकर उसे डिग्री दे दी जाएगी।
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लविवि की डीन एकेडमिक्स प्रो. गीतांजलि मिश्रा के मुताबिक नई शिक्षा नीति विद्यार्थी आधारित शिक्षा की बात करती है। इसमें स्ट्रीम की बाधा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद अब बीए पास विद्यार्थी भी एमएससी की पढ़ाई कर सकता है। इस साल से लविवि नया बदलाव करने जा रहा है। अगर कोई विद्यार्थी मेधावी हैं और वह तीन साल वाले पाठ्यक्रम की पढ़ाई कम अवधि में ही करना चाहता है तो फिर उसे इसकी सहूलियत मिलेगी।

विद्यार्थी को सिर्फ कोर्स के लायक जरूरी क्रेडिट हासिल करने होंगे। क्रेडिट का आशय एक सप्ताह में उस विषय की पढ़ाई जाने वाली कक्षाओं से होता है। अगर विद्यार्थी इन कक्षाओं के साथ ही किसी प्रोजेक्ट, असाइनमेंट या सेमिनार आदि के माध्यम से क्रेडिट हासिल करता है तो उनको भी डिग्री की गणना में शामिल किया जाता है। इसी के आधार पर विद्यार्थी को तीन साल से कम अवधि में ही डिग्री हासिल करने की अनुमति मिल जाती है। इसे एब्रेबिवेटेड डिग्री प्रोग्राम कहा जाता है।
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कोर्स की अवधि बढ़ाने की भी मिलेगी सुविधा

एब्रेबिवेटेड डिग्री प्रोग्राम के साथ ही एक्सटेंडेट डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत भी होगी। इसमें डिग्री की अवधि कम करने के बजाय छह महीने बढ़ाने का माैका भी मिलता है। इसमें बढ़ी हुई अवधि में विद्यार्थी जरूरी क्रेडिट हासिल कर लेता है।

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क्रेडिट में बदल सकेगा पेशेवर अनुभव

नई शिक्षा नीति में यह व्यवस्था भी है कि एकेडमिक क्रेडिट बैंक के माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने के बाद दोबारा वहीं से शुरू कर सकता है। इसके साथ ही यह सुविधा भी उपलब्ध है कि पेशेवर अनुभव वाले विद्यार्थी को पढ़ाई में भी उसका फायदा मिले। अगर किसी व्यक्ति ने किसी फील्ड में काम किया है तो उसके अनुभव को क्रेडिट में बदलने की व्यवस्था भी है। विश्वविद्यालय उस विद्यार्थी के क्रेडिट का मूल्यांकन करके उसके एकेडमिक क्रेडिट बैंक में जोड़ देगा। इस तरह उसे पेशेवर अनुभव का लाभ पढ़ाई में भी मिलेगा। आर्डिनेंस में इसे भी शामिल किया जा रहा है।
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