ब्रिज कॉर्पोरेशन के एमडी राजन मित्तल ने बताया कि फ्लाईओवर के अब तक पूरे हो चुके 48 फीसदी काम की भी जांच कराने के निर्देश शासन से मिले हैं।
कुल 142 गर्डर बनने हैं, जिनमें से 42 का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें इस्तेमाल की गई सामग्री और दूसरे निर्माण कार्यों के नमूने जांच के लिए दिल्ली और गाजियाबाद की प्रतिष्ठित श्रीराम लैब में भेजे जा रहे हैं। यह दोनों ही लैब केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हैं।
कई दिन ठप रहा काम
छह दिसंबर को गर्डर धराशायी होने की शिकायत मिलते ही फ्लाईओवर के निर्माण का काम रोकने के निर्देश मौके पर तैनात इंजीनियरों को दे दिए गए। ब्रिज कॉर्पोरेशन के एमडी मित्तल ने भी इसकी पुष्टि की। हालांकि, उनका कहना है कि दो दिन पहले काम शुरू करने को कह दिया गया है।
125 करोड़ की लागत से बन रहा था पुल
रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के सामने बन रहे फ्लाईओवर के दो गर्डर धराशायी होने पर ब्रिज कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर से यह कार्रवाई हुई है। इस मामले की शिकायत नगर विकास मंत्री आजम खां ने पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव से की थी।
जौहर विश्वविद्यालय से सिविल लाइंस को जोड़ने के लिए 4.71 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इस्टीमेट के अनुसार इसकी लागत 125 करोड़ रुपये है।
अब तक 48 फीसदी काम पूरा हो चुका है। साइट पर ही गर्डर (स्पैन) बनाने का काम भी चल रहा है, जिनकी गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही बनाए गए दो गर्डर गिर गए। इनके निर्माण में करीब 18 लाख रुपये की लागत आई थी।
इसकी शिकायत मिलने पर बीती 9 दिसंबर को ब्रिज कॉर्पोरेशन के एमडी राजन मित्तल, पीडब्ल्यूडी के लखनऊ जोन के चीफ इंजीनियर वीके सिंह और बरेली जोन के चीफ इंजीनियर सलेक चंद्र को जांच के लिए मौके पर भेजा गया।
इन लोगों का हुआ निलंबन
तीन सदस्यीय इस कमेटी ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया कि गुणवत्ता खराब होने की वजह से दोनों गर्डरों का यह हाल हुआ।
रिपोर्ट मिलते ही ब्रिज कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर डीके गुप्ता, सहायक अभियंता निर्मल दास और अवर अभियंता अश्विनी कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही काम की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी शासन ने दिए हैं। भविष्य में बेहतर ढंग से निगरानी करने के निर्देश भी कॉर्पोरेशन के एमडी मित्तल को दिए हैं।
एचके वर्मा होंगे अगले प्रोजेक्ट मैनेजर
जौहर विश्वविद्यालय के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर के लिए अगले प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर एचके वर्मा की नियुक्ति की गई है। अभी तक वह गोरखपुर में ब्रिज कॉर्पोरेशन की क्वालिटी प्रमोशन सेल में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।