लखनऊ। रोडवेज के चारबाग डिपो में पुराने वे-बिल से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले में तीन रोडवेजकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई न होने से चर्चाएं भी हो रही हैं।
दरअसल, रोडवेज बसों में कंडक्टरों को वे-बिल दिया जाता है। इसमें परिचालक यात्रियों का पूरा विवरण भरते हैं। इसी वे-बिल के आधार पर वे रोडवेज में बस से होने वाली आय जमा करते हैं, मगर कई परिचालक वे-बिल पर यात्रियों की संख्या कम दिखाकर कम किराया जमा करते हैं तथा बचा पैसा खुद रख लेते हैं। इसी तरह करीब आठ साल पुराने वे-बिल का उपयोग जनवरी में कर भ्रष्टाचार किया जा रहा था। यह मामला संज्ञान में आने पर क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने एआरएम (वित्त) के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई। जांच अधिकारी ने आलमबाग बस अड्डे पहुंचकर चारबाग डिपो के वे-बिल की जांच की। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक ने वरिष्ठ लिपिक मानेंद्र कुमार, इंद्रेश प्रताप सिंह और बुकिंग लिपिक घनश्याम पाल को निलंबित किया है।