रायबरेली। जिले में चलने वाली तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों (शटल सेवाओं) का संचालन तीन महीने तक निरस्त रहेगा। ये ट्रेनें एक दिसंबर से 28 फरवरी तक नहीं चलेंगी। इससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें रोडवेज बसों व दूसरे वाहनों से सफर करना होगा, जिसके लिए किराये के नाम पर ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। ट्रेनों के निरस्त होने से जिले के कई छोटे स्टेशनों पर सन्नाटा छा जाएगा। ये ट्रेनें हर छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकती हैं। यात्रियों का आवागमन इन्हीं ट्रेनों की वजह से होता है।
ज्यादा कोहरा पड़ने की आशंका को देखते हुए ट्रेनों के निरस्तीकरण का सिलसिला शुरू हो गया है। ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से होता रहे, इसलिए पैसेंजर ट्रेनों को पहले से ही निरस्त कर दिया जाता है। इसी कड़ी में रायबरेली से प्रतिदिन चलने वालीं तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को एक दिसंबर से 28 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इनमें एक जोड़ी ट्रेन सुबह रायबरेली से ऊंचाहार जाती है और ऊंचाहार से रायबरेली लौटती है। दूसरी जोड़ी ट्रेन सुबह रायबरेली से रघुराज सिंह स्टेशन जाती है और फिर लौट आती है। तीसरी जोड़ी ट्रेन शाम को रायबरेली से रघुराज सिंह स्टेशन जाती है और रात तक लौट आती है।
निरस्त होने वालीं ट्रेनें अपने रूट के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकती हैं। दरियापुर, सूरजकुंडा, उबरनी, राधा बालामपुर, रामचंद्रपुर, निहस्था, बहाई स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों को तीन महीने तक रोडवेज बसों या दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा। इन ट्रेनों के निरस्त होने से जिले के कई स्टेशनों पर सन्नाटा छा जाएगा। इन ट्रेनों के रूट में ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, रघुराज सिंह स्टेशन भी पड़ते हैं। जहां कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होने से यात्रियों को अधिक किराया खर्च कर दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ेगा।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि जिले में संचालित होने वालीं तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने का आदेश आ गया है।