लखनऊ में हुई हिंसा का एक दृश्य।
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 19 दिसंबर के हिंसक प्रदर्शन की साजिश रचने वाले तीन दंगाइयों को पुलिस ने शुक्रवार को दबोच लिया। पुलिस की गिरफ्त में आये तीनों दंगाई पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है।
एडीसीपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, नागरिकता संशोधन कानून दिसंबर में संसद से पास किया गया। 19 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। हिंसा की शुरूआत हसनगंज थानाक्षेत्र के खदरा इलाके से हुई।
उपद्रवियों ने मदेयगंज पुलिस चौकी जला दी। वहीं, सरकारी व निजी वाहन में आग लगा दिया। साथ ही पुलिस टीम पर पथराव किया। इस मामले में पुलिस ने 11 नामजद व दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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नामजद लोगों में खदरा का ओसामा सिद्दीकी, समद अनवर, इम्तियाज, मो. हासिम, मनोज खत्री, धर्मवीर सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, मो. कलीम, अनूप, मो. कलीम, मुख्तार अहमद शामिल हैं।