फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई के फर्जी लेटर पैड पर रेल टिकट कन्फर्म कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़, यात्री समेत तीन गिरफ्तार

Fri, 17 May 2019 04:46 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के फर्जी लेटर पैड पर रेल टिकटों को कन्फर्म  कराने वाले एक रैकेट का लखनऊ में भंडाफोड़ हुआ है। हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराने के साथ सीबीआई ने खुद बुधवार को टिकट कन्फर्म  कराने वाले यात्री समेत तीन को दबोचकर पुलिस के सुपुर्द किया। रैकेट के सरगना समेत तीन की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

विज्ञापन


इस गोरखधंधे में राजधानी के दो ट्रैवल एजेंट शामिल थे। शातिरों के पास से सीबीआई की फर्जी मुहर भी मिली है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज राधा रमण सिंह के मुताबिक नवल किशोर रोड पर सीबीआई कार्यालय है। यहां तैनात कर्तव्य अधिकारी बृजेश त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि संदेह होने पर पूर्वोत्तर रेलवे के मंडलीय रेल प्रबंधक कार्यालय से जानकारी दी गई कि सीबीआई के लेटर पैड पर आकस्मिक कोटे से ट्रेन में सीटें कन्फर्म  कराने के लिए लगातार आवेदन मिल रहे हैं। इस पर सीबीआई ने टीम गठित कर जांच शुरू की।

दो हजार रुपये में कन्फर्म करते थे टिकट

सांकेतिक तस्वीर
टीम ने लखनऊ से मुजफ्फरपुर की ट्रेन में सीबीआई के नाम पर कन्फर्म  हुई सीट पर राजेश साहू पत्नी व तीन बच्चों के साथ सफर करते पकड़ा। राजेश ने बताया कि उसने गोमतीनगर के हुसड़िया चौराहा स्थित आकाश बिजनेस सेंटर के शानू कुमार को 674 रुपये देकर टिकट लिए थे।

इन्हें कन्फर्म  कराने को विनयखंड के शहजाद आलम को दो हजार रुपये दिए। इसी आधार पर सीबीआई ने राजेश  व रैकेट में शामिल शहजाद व अमित कुमार पांडेय को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि रैकेट के सरगना व रेल कर्मी बताया जा रहा ध्रुव सिंह, शानू व दीपक फरार है।
विज्ञापन

रेलवे कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध

सांकेतिक तस्वीर
सीबीआई के फर्जी लेटर पैड से रेल टिकट कन्फर्म कराने के मामले में गिरफ्तार ट्रैपल एजेंटों ने कुछ रेल कर्मचारियों के नाम भी बताए हैं, जिनके काउंटर पर रहने से उनका काम आसानी से हो जाता था। इनके खिलाफ पुलिस व सीबीआई ने जांच शुरू की है।

विभाग भी ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर रहा है। सीबीआई की शिकायत पर ध्रुव, शानू कुमार, शहजाद आलम, दीपक, अमित कुमार पांडेय और टिकट कंफ र्म कराने वाले राजेश के खिलाफ  केस दर्ज किया गया। वहां सीबीआई की पकड़ में आए शहजाद ने बताया कि आकाश बिजनेस सेंटर का मालिक ध्रुव सिंह है। वह दीपक (जो खुद को रेलवे का कर्मचारी बताता है) के माध्यम से टिकट कंफर्म कराता है। पुलिस के मुताबिक, दीपक टिकट कंफर्म कराने को फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल करता था। यह खेल छह महीने से चल रहा था।

फर्जी आधार कार्ड भी बनाते थे जालसाज
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक जालसाज फर्जी आधार कार्ड भी बनाते थे। सीबीआई की जांच में लखनऊ (मूलत: गोरखपुर का बस्ती निवासी) में रह रहे अमित कुमार पांडेय का नाम सामने आया। पूछताछ में उसने बताया कि वह आकाश बिजनेस सेंटर पर कर्मचारी है। उसके जन्म प्रमाण पत्र की तारीख बदलने को ध्रुव और शानू ने फर्जी आधार कार्ड बनाया था। इससे उसकी उम्र छह साल कम कर दी गई। फर्जी आधार कार्ड से आठवीं पास अमित ने आगे की पढ़ाई पूरी की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें