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केजीएमयू में तीन कोरोना मरीजों ने तोड़ा दम, सवा चार घंटे में तीन मौतों से दहशत

Thu, 18 Jun 2020 10:22 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केजीएमयू में बुधवार को तीन कोरोना मरीजों की मौत हो गई। इनमें महिला समेत लखनऊ के दो और एक गोंडा का रहने वाला है। कोरोना के साथ तीनों को फेफड़े में गंभीर संक्रमण भी था। केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि सहादतगंज के 60 वर्षीय वृद्ध को 15 जून को भर्ती कराया गया।

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उनके फेफड़ों की झिल्ली में पानी भर गया था। आशंका है कि इस वजह से कैंसर रहा होगा। डॉक्टरों ने कोरोना के साथ फेफड़े से जुड़ी दवाएं और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया, लेकिन रेस्पिरेट्री फेल्योर से मरीज को नहीं बचाया जा सका। सुबह 8.15 बजे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।

वहीं, अमीनाबाद के मौलवीगंज की 70 वर्षीय वृद्धा को डायरिया और सांस लेने में तकलीफ होने पर मंगलवार शाम केजीएमयू में भर्ती कराया गया। जांच में फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पाया गया। हाई बीपी के साथ लंग्स व रीनल फेल्योर से उनकी सुबह 10.30 बजे मौत हो गई।
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दोनों मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। स्थिति गंभीर होने पर कोरोना की जांच कराई गई और फिर केजीएमयू रेफर किया गया था। जांच में दोनों में कोरोना मिला। इसी तरह रेफर किए जाने के बाद गोंडा के साहबगंज के 60 वर्षीय वृद्ध को 13 जून को केजीएमयू में भर्ती कराया गया। उन्हें मधुमेह के साथ फेफड़ों से संबंधित बीमारी भी थी। इलाज के दौरान सुबह 6.45 बजे इनकी मौत हो गई।

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डिस्चार्ज हो चुके हैं 85 मरीज

प्रतीकात्मक तस्वीर
केजीएमयू में बुधवार सुबह 6.45 बजे पहले मरीज की मौत हुई। इसके डेढ़ घंटे बाद दूसरे ने दम तोड़ दिया। फिर सुबह 10.30 बजे तीसरे मरीज की मौत के बाद परिसर में हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन फोन कर हाल-चाल लेने लगे। वहीं, ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी दहशत में आ गए। 

एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान कोरोना वार्ड की तैयारी कर रहे थे, तब केजीएमयू कई मरीजों को ठीक कर डिस्चार्ज कर चुका था। राजधानी में मिली पहली कोरोना मरीज को यहीं भर्ती किया गया था। अब तक यहां से 85 मरीज घर जा चुके हैं। इन दिनों 38 भर्ती हैं। इनमें सात गंभीर हैं। इनमें डायबिटीज, हृदय संबंधी समस्या भी है। 

तीनों मरीजों के फेफड़े काम नहीं कर रहे थे। संभव है कि इन्हें फेफड़े से जुड़ी समस्या पहले से थी। बीमारी बढ़ने पर जांच कराई तो कोरोना भी पाया गया। संक्रमण लगातार बढ़ने से इनकी मौत हो गई। गोंडा के मरीज को लंबे समय से शुगर की समस्या थी। राजधानी के मरीज ब्लड प्रेशर सहित अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे थे। - डॉ. डी. हिमांशु, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट
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