लखनऊ में कोरोना के लिहाज से अति संवेदनशील हॉटस्पॉट इलाकों के लिए राहत भरी खबर है। तीन नए इलाकों में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज न आने से मंगलवार को हॉटस्पॉट से बाहर आ गए हैं।
हालांकि अब भी वहां पर सतर्कता बरती जा रही है। अफसरों का कहना है अभी पांच हॉटस्पॉट बचे है। राजधानी में फूलबाग नजरबाग इलाका कोरोना के लिहाज से बेहद संवेदनशील था। यहां पर कोरोना के करीब 19 केस मिले थे।
इसी तरह कटरा आजमबेग नक्खास और नई मस्जिद इरादत नगर जलीलिया मस्जिद के आसपास का क्षेत्र भी हॉटस्पॉट में रखा गया था। इन तीनों इलाकों में पहले 14 दिन तक कोई भी एक्टिव केस न आने पर ऑरेंज जोन में रखा गया था।
जिला प्रशासन ने 21 दिन तक कोई भी केस न आने पर तीनों इलाको को हॉटस्पॉट से बाहर कर दिया है। अफसरों का कहना है कि अब पांच हॉटस्पॉट बचे हैं। इनमें भी कुछ हॉटस्पॉट ऐसे हैं जहां कई दिन से कोई भी केस नहीं मिला है। उम्मीद है कि जल्द ये इलाके भी हॉटस्पॉट से बाहर होंगे।
अब बचे हैं ये पांच हॉटस्पॉट
- थाना कैंट मस्जिद अलीजान के आसपास का क्षेत्र
- थाना कैसरबाग नया गांव पश्चिम, नजीराबाद रोड
- कैसरबाग सब्जी मंडी व जम्बूर खाना मछली मोहाल के आसपास
- मौलवीगंज का इलाका
- निशातगंज
कोरोना संदिग्ध महिला की प्रसव के बाद मौत
डफरिन अस्पताल में प्रसव के बाद कोरोना संदिग्ध महिला की मौत हो गई। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार, उसके शव को पैक कराकर परिजनों को सौंपा गया है। आलमबाग निवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर डफरिन ले जाया गया।
यह उसका पांचवां बच्चा था। प्रसव के बाद महिला को ब्लीडिंग होने लगी और उसे तेज बुखार भी था। कुछ देर बाद महिला की मौत हो गई। अस्पताल प्रभारी डॉ. नीरज जैन ने बताया कि महिला की स्थिति बेहद गंभीर थी।
उसे बचाने का भरसक प्रयास किया गया। ब्लड प्रेशर हाई होने के साथ ही रक्तस्राव तेज हो गया था। उसे ब्लड भी चढ़ाया गया और ऑक्सीजन भी दी लेकिन बचाया नहीं जा सका। बच्चे की हालत ठीक है।
परिजनों को शव पैक करवाकर सौंपा गया। उसे कोरोना पॉजिटिव मानते हुए अंतिम संस्कार करने की सलाह दी गई है। पूरे मामले से सीएमओ को अवगत कराया गया है।