एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार
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यूपी पुलिस ने व्हाट्स एप से भी सूचनाएं मांगी थी। व्हाट्स एप की ओर से बताया गया कि इस्तेमाल किया गया नंबर अमेरिका के टेक्सास प्रांत का है और जो प्रॉक्सी आईपी प्रोवाइडर है वह पाकिस्तान का है। ऐसे में पाकिस्तान से वास्तविक आईपी और उसका ईमेल एड्रेस मिलना मुश्किल हो रहा है।
आईपीसीसी को करना होगा हस्तक्षेप
प्रदेश पुलिस में साइबर के एक्सपर्ट एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में प्रदेश पुलिस को सीबीआई में स्थापित ‘इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन सेल’ (आईपीसीसी) को हस्तक्षेप करना होगा। यह इंटरपोल की विंग है। यह अन्य देशों में वर्चुअल नंबर सर्विस प्रोवाइडर और आईपी प्रोवाइडर से सूचनाएं अपने स्तर से हासिल कर सकती है।