लखनऊ। दर-दर भीख मांगकर गुजारा करने वाले बच्चे मंगलवार को जब पहली बार किसी स्कूल के अंदर पहुंचे तो उनके चेहरे खिल उठे। मासूम अचरज भरी निगाहों से कक्षाओं को निहार रहे थे। इन्हें देखकर शिक्षकों के चेहरों पर भी मुस्कान आ गई।
डीएम विशाख जी की पहल पर भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुक्त कराए गए 103 बच्चों को विभिन्न ब्लॉकों के सरकारी स्कूलों की पहली व दूसरी कक्षा में मंगलवार को प्रवेश दिलाया गया। इनकी पढ़ाई, यूनिफॉर्म से लेकर कॉपी-किताबों तक की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी।
डीएम की निगरानी में खंड शिक्षा अधिकारियों ने प्रवेश की प्रक्रिया करवाई। बीएसए राम प्रवेश ने बताया कि आगे भी भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए जाने वाले सभी बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को इन पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। इसका मकसद इन बच्चों को अन्य की तरह पढ़ाई की मुख्य धारा में लाना है। प्राथमिक विद्यालय घैला में मयंक, अभिषेक, बादल, शिवा, शिवानी, करीना, अलबास, मुस्कान, कोहिनूर, राम जाने, अमन व दो अन्य को प्रवेश मिला है। डीएम ने बताया कि भिक्षावृत्ति करने वाले 23 बुजुर्गों और 111 निराश्रितों को भी आश्रय दिया गया है।
इस तरह दिया दाखिला
मुतक्कीपुर में 18, घैला में 13 के अलावा अल्लू नगर डिगुरिया और छोटा खुदान में 12-12 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया। 48 बच्चों का अन्य क्षेत्रों के स्कूलों में दाखिला हुआ है।