कोविड अस्पताल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को एक्टिव क्वारंटाइन के लिए इस बार होटल नहीं मिलेगा। उन्हें ठहरने के लिए गेस्ट हाउस, हॉस्टल अथवा किराये के भवन में इंतजाम किया जाएगा। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण केके गुप्ता ने आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने सभी संस्थानों व मेडिकल कॉलेजों से तीन माह के अतिरिक्त बजट का विवरण मांगा है।
वर्ष 2020 में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने पर कर्मचारियों एवं चिकित्सकों के ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था की गई थी। केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान ने अलग- अलग होटल बुक कराए थे। इसी तरह प्रदेशभर के अन्य मेडिकल कॉलेजों ने भी हॉस्पिटल के आसपास किराये पर होटल लिया था। कुछ समय बाद होटल की व्यवस्था सिर्फ चिकित्सकों के लिए कर दी गई थी और कर्मचारियों को संबंधित संस्थान के हॉस्टल या गेस्ट हाउस दिए गए थे। इस बार होटल की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक केके गुप्ता ने सभी चिकित्सा संस्थानों को भेजे गए पत्र में बताया गया कि एक्टिव क्वारंटाइन टीम को रुकने के लिए गेस्ट हाउस, हॉस्टल अथवा किराये पर मकान लेकर व्यवस्था की जा सकती है। उनके खाने और दवा की व्यवस्था पहले की तरह चलती रहेगी। महानिदेशक ने सभी संस्थानोें से एक्टिव क्वारंटाइन टीम के लिए भोजन, औषधि, मास्क, पीपीई किट, सेनेटाइजर, अतिरिक्त मैन पॉवर, लैब, वार्ड आदि के लिए होने वाले खर्च का तीन माह का प्रस्तावित बजट मांगा है।
कर्मचारी प्रबंधन का भी निर्देश
महानिदेशक ने सभी संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों के मुखिया को निर्देश दिया है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त मैन पॉवर का भी इंतजाम कर लिया जाए।