लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी की ओर से इस बार युवाओं के लिए ग्रीष्मकालीन कार्यशाला की अवधि एक माह से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। इसके साथ ही इस कार्यशाला का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब अभ्यर्थियों से 3500 रुपये की जगह पांच हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। युवाओं के लिए कार्यशाला की शुरुआत 15 मई से तो वहीं बच्चों की कार्यशाला पांच जून से शुरू होने की उम्मीद है।
पिछले वर्ष रंगमंच की कार्यशाला के लिए बच्चों और युवाओं ने खासा उत्साह दिखाया था। उम्मीद से अधिक अभ्यर्थियों के प्रवेश लेने की वजह से युवा कार्यशाला को 30-30 छात्रों के दो अलग बैच तैयार करने पड़े थे। इस बार इस संख्या में और भी ज्यादा बढ़ोतरी होने के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं। बीएनए के निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि नाट्य प्रशिक्षण को लेकर बच्चों और युवाओं में लगातार रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीएनए ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसी माह भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया था। रंगमंच में युवाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए इस बार युवा कार्यशाला की अवधि बढ़ाने के साथ ही नए विषय भी जोड़े जाएंगे। इसी के चलते कार्यशाला के शुल्क में वृद्धि की गई है। प्रशिक्षण के लिए दो विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों की नाट्य कार्यशाला की अवधि 30 दिन की ही रहेगी और शुल्क भी पहले की तरह ही 2500 रुपये रखा गया है।
इस बार बीएनए में ही होंगी कार्यशाला की अंतिम प्रस्तुतियां
निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि हमारे यहां दोनों प्रेक्षागृहों में सुंदरीकरण व मरम्मत कार्य के चलते पिछले दो वर्षों से कार्यशाला की अंतिम प्रस्तुतियां संगीत नाटक अकादमी या अन्य प्रेक्षागृहों में करनी पड़ रही थीं लेकिन इस बार सभी प्रस्तुतियां हमारे प्रेक्षागृहाें में ही होंगी। बीएम शाह और राज बिसारिया प्रेक्षागृह तैयार होने के बाद अब यहीं मंचन होगा।