लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इकाना स्टेडियम के आसपास फैल रहे पर्यावरणीय प्रदूषण का कड़ा संज्ञान लिया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार, यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और जल निगम को अब तक किए गए निवारक कार्यों का 12 मई तक विवरण देने को कहा है।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता बृजभूषण दुबे की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में दर्शाई गई स्थिति बेहद दयनीय है। याचिकाकर्ता के वकील सीबी पांडे ने दलील दी कि स्टेडियम से महज 400 मीटर की दूरी पर भारी मात्रा में कचरा डंप किया जा रहा है और एक सीवेज नाला सीधे गोमती में गिर रहा है। वर्तमान में स्टेडियम में आईपीएल मैच चल रहे हैं। ऐसे में यह प्रदूषण न केवल आम जनता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
याचिका में कचरे के ढेर और नाले को तुरंत हटाने के निर्देश देने की मांग की गई है। कोर्ट ने लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई को भी नोटिस जारी किया है। साथ ही प्रशासन को स्टेडियम के आसपास के वातावरण को संरक्षित करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मई तय की है।