पुलिस महकमे के एक अफसर की मार्केटिंग स्किल से उनके चाहने वाले हैरान और नापसंद करने वाले परेशान हैं।
चाहने वाले अपने साहब की मार्केटिंग क्षमता की तारीफ करते नहीं थकते। कहते हैं कि कुछ बेचना हो तो साहब से सीखो। पहले एनकाउंटर के लिए पहचाने जाने वाले ये साहब अब अपनी प्रबंधन क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं।
लोग कहते हैं कि साहब ने कैसे बिना फंड के एक इतनी बड़ी योजना शुरू करवा दी। जिसके लिए न बिल्डिंग न थी न संसाधन। अब उसकी धड़ल्ले से मार्केटिंग कर रहे हैं।
देशी-विदेशी नेताओं के साथ फिल्मी हीरो भी आकर उनकी योजना की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। साहब की तारीफों से जले-भुने उनके न चाहने वाले यह कहकर खुद को तसल्ली दे रहे हैं कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा है वो।