फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: इसी मतलब से तुझसे बात कर लेते हैं हम, तुझसे होगी गुफ्तगू तो शायरी आ जाएगी

विज्ञापन
रचना सुनाते एहसान कुरैशी।
विज्ञापन
लखनऊ। इसी मतलब से तुझसे बात कर लेते हैं हम..तुझसे होगी गुफ़्तगू तो शायरी आ जाएगी। मशहूर शायर निखत अमरोहवी ने रविवार को अपने शायरे अंदाज से महफिल में समा बांध दी। मुमताज पीजी कॉलेज में गोल्डन जुबली समारोह के तहत हुए सम्मान समारोह और मुशायरे में शायरों ने एक से बढ़कर एक शायरी पेश किए। इससे पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, यह युवाओं को जागरूक, सशक्त और देश व समाज की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाती है।
विज्ञापन


समारोह और मुशायरे का उद्घाटन अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने किया। उन्होंने कहा कि मुमताज़ पीजी कॉलेज का गौरवशाली इतिहास रहा है। कार्यक्रम में पूर्व छात्र शायर और गीतकार हसन कमाल, कथाकार अहमद इब्राहिम अल्वी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर हसन कमाल ने पढ़ा- फसाना शहर की तामीर का सुनाने को, गली के मोड़ पे टूटा मकान बाकी है...। ताहिर फराज ने सुनाया सिवा अपने किसी को हमसफर होने नहीं देता, बदलना चाहती है दर मिरी आवारगी अकसर...। वासिफ फारूकी ने भी सुनाया- जिसमें रहते हुए एक उम्र गुजारी मैंने, देखता हूं तो वो दुनिया भी नहीं है मुझमें।
कार्यक्रम में अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन के जॉइंट सेक्रेटरी सैयद कफ़ील अहमद, सैयद बिलाल नूरानी, डॉ. अम्मार नज़रामी, सदस्य हमीद इक़बाल, अदील सिद्दीकी, हसन काज़मी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें