प्रदेश से अटल के जुड़ाव को देखते हुए हर जिले में ‘अटल अस्थि कलश यात्रा’ निकाली जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश सरकार के मंत्री इन यात्राओं में शामिल होंगे। हर जिले में सार्वजनिक आयोजन कर उनके विचारों व कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
नई योजनाएं शुरू होंगी, पुरानी का नामकरण होगा
राज्य सरकार कुछ पुरानी योजनाओं का नामकरण अटल के नाम पर कर सकती है। विकास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी कुछ नई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की जा सकती है। लखनऊ में अटल स्मारक भी बनाया जा सकता है। विकास और विज्ञान पर अटल के फोकस को देखते हुए राज्य सरकार इससे जुड़ी कुछ योजनाएं उन्हें ही समर्पित कर सकती है। अगले बजट में प्रावधान भी किया जा सकता है।
गंगा-गोमती-घाघरा-सरयू समेत प्रमुख नदियों में प्रवाहित की जाएंगी अस्थियां
प्रदेश से लगाव को देखते हुए सरकार गंगा, गोमती, घाघरा व सरयू समेत सभी जिलों की प्रमुख नदियों में उनकी अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी। इसके लिए सरकार ने जिलेवार नदियों का निर्धारण भी कर दिया है।