हिंदुत्व को देश की राजनीति के केंद्र में लाने वाली अयोध्या के प्रवेश द्वार रामसनेही घाट में मोदी ने आश्चर्यजनक रूप से मुस्लिम वोटों में भी सेंधमारी की कोशिश की। उन्होंने तीन तलाक के जरिये भी मुसलमानों की रग पर हाथ रखा। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए किसी का धर्म नहीं देखा, सिर्फ गरीबी को देखा। जिसका मुसलमानों को भी बड़ी संख्या में लाभ मिला है।
भाजपा सरकार ने मुस्लिम बहन-बेटियों को तीन तलाक जैसी मुसीबत से निजात दिलाई है। इसका लाभ सिर्फ मुस्लिम बहन-बेटियों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी हुआ है। तीन तलाक से पीड़ित कोई बहन-बेटी यदि दो-तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ मां-बाप पर बोझ बनने को मजबूर हो जाए तो वह परिवार क्या खुश रह सकता है? इसलिए तीन तलाक पर रोक का कानून बनाकर भाजपा सरकार ने सिर्फ मुस्लिम महिलाओं को ही सुरक्षा नहीं दी है, बल्कि उनके माता, पिता, भाई को भी दी है।
रामसनेही घाट की इस सभा से मोदी ने एक तरह से राष्ट्रवाद के साथ गरीबों, महिलाओं, दलितों के साथ मुसलमानों को भी साथ लाने या उनका किसी तरफ एकतरफा झुकाव रोकने की चाल चल दी है। सफलता नतीजा बताएगा।