बोर्ड ने सुझाव दिया है कि विद्युत विभाग से बिजली कनेक्शनों की सूची लेकर नगर निकायों में गृहकर जमा करने वाले भवनों का मिलान करने से भी गृहकर न देने वाले भवनों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों के आधार नंबर के जरिए भी गृहकर के दायरे से छूटी संपत्तियों का पता लगा सकते हैं।
गृहकर वसूली में बंगलूरू सबसे आगे
बोर्ड के विशेषज्ञों ने सरकार को दिए सुझाव में बंगलूरू और जयपुर नगर निगम का हवाला दिया है। बताया गया है कि देश में सबसे अच्छी आर्थिक स्थिति बंगलूरू नगर निगम की है। हालांकि वहां भी 24 प्रतिशत ही गृहकर की वसूली हो पा रही है। जयपुर नगर निगम में भी मात्र 11 प्रतिशत वसूली हो रही है। वहीं, यूपी के सभी नगर निकायों में औसतन 11 से 14 प्रतिशत गृहकर वसूली हो रही है। इसे शत प्रतिशत करके निकायों की आय बढ़ाई जा सकती है।