एनडीए ने 30 लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 153 विधानसभा सीटों पर परचम लहराया। जिन संसदीय सीटों के अंतर्गत आने वाली किसी भी विधानसभा सीट पर विपक्ष का खाता नहीं खुल सका।
भाजपा ने जिन 29 संसदीय सीटों की सभी विधानसभा क्षेत्रों में कमल खिलाया, उनमें बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, फर्रुखाबाद, अकबरपुर, झांसी, हमीरपुर, फतेहपुर, इलाहाबाद, फूलपुर, गोंडा, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव और वाराणसी शामिल हैं।
अपना दल का आंकड़ा जस का तस
अपना एल (एस) ने पिछले विधानसभा चुनाव में नौ सीटें जीती थी। लोकसभा चुनाव में भी नौ विधानसभा क्षेत्रों में उसकी बढ़त बनी रही। हालांकि सीटें बदलीं लेकिन आंकड़ा पूर्ववत रहा। अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई, जबकि रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र में उनकी पार्टी ने पांच में से चार सीटों पर जीत दर्ज की।
पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को केवल 19 सीटें मिली थीं। इस बार उसने 65 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल की। उसने बिजनौर, नगीना, लालगंज और जौनपुर लोकसभा सीटों के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि बसपा को 10 लोकसभा सीटों पर जीत मिली है।
सपा को 45 विधानसभा सीटों पर बढ़त
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को 47 सीटों पर जीत मिली थी। मौजूदा लोकसभा चुनाव में उसके प्रत्याशियों को कुल 45 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली। सपा को केवल अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ के तहत आने वाले सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों से अधिक वोट मिले। हालांकि लोकसभा सीटों में सपा का आंकड़ा जस का तस रहा। 2014 में भी उसे पांच सीटें मिली थीं। इस बार भी इतनी ही मिलीं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को 47 सीटों पर जीत मिली थी। मौजूदा लोकसभा चुनाव में उसके प्रत्याशियों को कुल 45 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली। सपा को केवल अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ के तहत आने वाले सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों से अधिक वोट मिले। हालांकि लोकसभा सीटों में सपा का आंकड़ा जस का तस रहा। 2014 में भी उसे पांच सीटें मिली थीं। इस बार भी इतनी ही मिलीं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
अमेठी लोकसभा क्षेत्र का आंकड़ा और भी दिलचस्प है। इस संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा की पांच सीटों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सिर्फ अमेठी में ही बढ़त बना पाए। शेष चार सीटों पर उन्हें भाजपा की स्मृति ईरानी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक दल--लोकसभा क्षेत्रों में जीत--विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त
भारतीय जनता पार्टी--62--274
बहुजन समाज पार्टी--10--65
समाजवादी पार्टी--05--45
अपना दल (एस)--02--09
कांग्रेस--01--08
जनसत्ता पार्टी--00--2